शहीद ऊधम सिंह धर्मशाला के बाहर धरने पर बैठे कंबोज बिरादरी के लोगों को शांत करने के प्रयास में पुलिस तथा धरनाकारियों में झड़प होने से स्थिति तनावपूर्ण हो गई। इस दौरान पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज भी किया।
झड़प में पंजाब पुलिस के दो डीएसपी को मामूली चोटें लगीं और छह पुलिस कर्मचारियों समेत करीब दो दर्जन अन्य लोग घायल हो गए। पुलिस ने करीब तीन दर्जन धरनाकारियों को हिरासत में ले लिया। पुलिस कर्मचारियों को इलाज के लिए यहां के सरकारी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है जबकि घायल हुए धरनाकारी यहां के निजी अस्पतालों में इलाज करवा रहे हैं।
यहां के सीतासर मंदिर में महाशिवरात्रि को लेकर तैयारी चल रही है। चार दिन पहले भी इसको लेकर विवाद हुआ था लेकिन आज फिर मंदिर कमेटी द्वारा की जा रही तैयारी पर कंबोज बिरादरी ने आपत्ति जताई और मंदिर के करीब बनी धर्मशाला के बाहर धरने पर बैठकर विरोध प्रदर्शन करने लगे। धरनाकारियों का कहना है कि जिस जगह पर टेंट लगाया जा रहा है उसको लेकर उनका मंदिर कमेटी के साथ विवाद चल रहा है।
ऐसे में वे इसका विरोध कर रहे हैं, लेकिन पुलिस ने लाठीचार्ज करके उनके 50 के करीब लोगों को हिरासत में ले लिया है। कंबोज बिरादरी के आगू राजिंदर सिंह कैफी, जगदीप सिंह, परमजीत सिंह आदि ने कहा कि पुलिस ने उनकी बातचीत चल रही थी लेकिन अचानक ही पुलिस ने उन पर लाठियां बरसानी शुरू कर दीं। इसके कारण कई दर्जन लोग घायल हो गए।
वहीं, एसपी डी परमजीत सिंह गोराया ने बताया कि पुलिस इस मामले को शांतिपूर्वक तरीके से हल कर रही थी और इसी दौरान कुछ शरारती तत्वों ने उनके दो डीएसपी तेजा सिंह मल्ली तथा कृष्ण कुमार समेत पुलिस पार्टी पर छत से ईंटें बरसानी शुरू कर दीं। इसमें दोनों डीएसपी समेत छह पुलिस कर्मी घायल हो गए। पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज किया है और तीन दर्जन लोगों को हिरासत में लिया है।
घायल हुए पुलिस कर्मियों में दो महिला जवान भी हैं। घायल हुए पुलिस कर्मियों में मनिंदर सिंह, अमरिंदर सिंह, कर्मजीत बेगम, रजनी कौर, जसपाल सिंह और गुरमेल सिंह शामिल हैं।
उधर, पुलिस ने दो दर्जन से भी ज्यादा अज्ञात लोगों के खिलाफ पुलिस पर हमला करने के आरोप में मामला दर्ज कर लिया है।