अबोहर में सोमवार को अकाली-भाजपा नेताओं की खींचतान में किसानों के लिए भेजे गए ट्यूबवेल कनेक्शनों के डिमांड नोटिस किसानों को नहीं बांटे जा सके।
जानकारी के अनुसार अबोहर उपमंडल के 207 किसानों को ट्यूबवेल कनेक्शनों के डिमांड नोटिस बांटने के लिए समाज कल्याण बोर्ड की चेयरपर्सन विजय लक्ष्मी भादू ने श्री अरोड़वंश धर्मशाला में कार्यक्रम आयोजित करवाया। जहां पर भादू ग्रुप के लोग और गांवों के किसान मौजूद थे।
अकाली दल से जुड़े व्यवसायी शिव लाल डोडा ग्रुप के लोग धर्मशाला में एडीसी चरणदेव सिंह मान का इंतजार कर रहे थे। जैसे ही मान पहुंचे तो उनके साथ ही डोडा ग्रुप के अकाली नेता अरोड़वंश धर्मशाला में आयोजित कार्यक्रम में पहुंच गए। डोडा ग्रुप के लोगों को मंच पर चढ़ते देख विजय लक्ष्मी भादू ने इसका विरोध किया।
उन्होंने आरोप लगाया कि मंच पर आसीन ब्लॉक समिति की चेयरपर्सन सुलोचना पूनियां को एडीसी ने कुर्सी से उठाकर मंच से नीचे उतार किया और वहां पर शोली ग्रुप के लोगों को बैठा दिया। इसी बात को लेकर हंगामा शुरू हो गया और भादू ग्रुप के लोग समारोह से बाहर आ गए। बाद में पत्रकारों से बातचीत में भादू ने कहा कि एडीसी ने सुलोचना पूनियां को मंच से उतार कर पार्टी का अपमान किया है। वहीं जिन लोगाें को मंच पर बैठाया गया वे किसी भी पार्टी से संबंधित नहीं है।
लेकिन मंच पर सुलोचना पूनियां सहित सभी लोग विराजमान थे। भादू ने बार-बार कहा कि आज अगर विधायक सुनील जाखड़ इस मंच पर बैठे तो उन्हें कोई ऐतराज नहीं होगा लेकिन अकाली-भाजपा के अलावा निर्दलीय लोगाें को वे अपने साथ मंच पर नहीं बैठा सकती। एडीसी द्वारा बार-बार समझाने पर भी भादू नहीं मानी। उन्होंने कहा कि शोली के लोग भी अकाली दल के कार्यकर्ता हैं इसलिए उनका भी समारोह में मंच पर बैठने का अधिकार है लेकिन इस बात को भादू मानने को तैयार नहीं थीं।
लाख कोशिशों के बाद भी जब दोनों ग्रुप एकमत नहीं हुए तो एडीसी ने कार्यक्रम रद्द करने की घोषणा कर दी और मौके पर ही मौजूद बिजली विभाग के एक्सईएन स. मलकीत सिंह ने घोषणा की कि अबोहर ब्लॉक के 207 किसानों के डिमांड नोटिस 26 फरवरी बुधवार को सब डिवीजन नं. 3 में डीसी या एडीसी के कर कमलों से वितरित किए जाएंगे।
एडीसी ने कहा कि राजनेताओं के आपसी मतभेदों से किसानों को नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। वहीं भादू ने इस पूरे मामले की शिकायत पार्टी के शीर्ष नेताओं से करने की बात कही वहीं शोली ग्रुप के नेताओं ने भी इस घटनाक्रम को सुखबीर बादल तक पहुंचा दिया है ताकि 27 फरवरी को सुखबीर बादल के अबोहर आगमन का कार्यक्रम प्रभावित न हो सके।