सरहद पर हेरोइन तस्करी के दौरान बीएसएफ की गोली से मरे दो भारतीय तस्करों की पहचान हो चुकी है।
ये
दोनों तस्कर पहले चोरी और लूटपाट की घटनाओं को अंजाम देते थे और इन दोनों
पर थाना वल्टोहा और खेमकरण में मामले दर्ज हैं। दोनों तस्करों ने चोरी व
लूटपाट के साथ-साथ हेरोइन तस्करी का भी धंधा शुरू कर दिया था। इनके
पाकिस्तान तस्करों के साथ गहरे संबंध बन गए थे। गौरतलब है कि 5 फरवरी की
सुबह बीएसएफ ने बीओपी मेंहदीपुर के पास हेरोइन की डिलीवरी करने पहुंचे
भारतीय और पाकिस्तानी चार तस्करों को मुठभेड़ में मार गिराया था।
इनके
पास से दस करोड़ की हेरोइन, तीन पिस्टल, 54 कारतूस, पाकिस्तान मोबाइल
कंपनी का सिम कार्ड बरामद हुआ था। बीएसएफ के मुताबिक मुठभेड़ में मारे गए
दोनों इंडियन तस्करों की पहचान निशान सिंह पुत्र बिक्कर सिंह वासी गांव
वरनाला तथा सुखचैन सिंह पुत्र हरबंस सिंह वासी गांव भूरा सिंह के रूप में
की है। पंजाब पुलिस ने दोनों तस्करों का पिछला आपराधिक रिकार्ड निकाला तो
पता चला कि निशान सिंह पर थाना वल्टोहा में हत्या करने और चोरी-लूटपाट का
मामला दर्ज है।
सुखचैन सिंह पर थाना खेमकरण में चोरी और लूटपाट का
मामला दर्ज है। पुलिस के मुताबिक इन दोनों ने चोरी-लूटपाट के साथ-साथ
हेरोइन तस्करी का भी धंधा करना शुरू कर दिया था क्योंकि इसमें अधिक पैसा
है। पुलिस उक्त तस्करों के परिजनों व गांव के अन्य लोगों से भी पूछताछ कर
रही है कि इनके साथ और कौन-कौन लोग थे। ये लोग कब से हेरोइन तस्करी के धंधे
में जुटे हैं।