परिवार नियोजन कार्यक्रम के तहत नलबंदी आपरेशन करवाने के बावजूद एक महिला के गर्भवती होने के मामले में सरकारी अस्पताल अबोहर पर अर्थदंड लगाया गया है।
उपभोक्ता फोरम की ओर से इस मामले में संबंधित महिला को जुर्माने के तौर पर 64 हजार रुपये अदा करने होंगे। उपभोक्ता फोरम फिरोजपुर में मामले की दो महीने तक चली सुनवाई के बाद कोर्ट ने यह आदेश दिया।
सप्पांवाली निवासी मनोहर लाल की पत्नी सीमा ने 12 मई 2009 को स्थानीय सिविल अस्पताल में नलबंदी आपरेशन करवाया था। माली का काम करने वाले मनोहर के पहले ही दो बेटे और एक बेटी थी।
19 मार्च 2013 को सीमा को पता चला कि वह गर्भवती है। आपरेशन के बावजूद गर्भ ठहरने की बात पता चलने पर परिवार के लोग हैरान रह गए महिला के पति मनोहर लाल ने सिविल अस्पताल द्वारा बरती गई लापरवाही के खिलाफ फिरोजपुर की जिला उपभोक्ता अदालत का दरवाजा खटखटाया।
उपभोक्ता अदालत ने मनोहर लाल के हक में फैसला सुनाते हुए सेहत विभाग और सिविल अस्पताल को मुआवजा अबोहर पर अर्थदंड लगाया।
आखिरकार इस पर अधिकारियों ने अदालत के फैसले के अनुसार सीमा के इलाज पर आए खर्च, मानसिक और शारीरिक परेशानी की क्षतिपूर्ति और जुर्माने की रकम के 64 हजार 69 रुपये का चेक सीमा के पति मनोहर लाल को सौंप दिया।