राज्य सरकार की ओर से पशुपालन, डेयरी फार्मिंग और मछली पालन जैसे खेती सहायक धंधों को उत्साहित करने के उद्देश्य से किसानों को बड़े स्तर पर सब्सिडी दी जा रही है।
डीसी परमिंदर सिंह गिल ने बताया कि राज्य सरकार की तरफ से पशुधन की बेहतरी और किसानों को आर्थिक संकट से निकालने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। मौके पर उनके साथ डिप्टी डायरेक्टर पशु पालन विभाग डॉ. गुरमीत सिंह भी थे।
गिल ने बताया कि श्री मुक्तसर साहिब में 8 से 12 जनवरी तक करवाई गई राष्ट्रीय पशुधन चैंपियनशिप में मोगा की झंडी रही। इस पशुधन चैंपियनशिप में जिले के 557 पशुओं ने हिस्सा लिया। 89 पशुओं ने 11 लाख 33 हजार रुपये के इनाम जीते।
इस राष्ट्रीय चैंपियनशिप में सुखहरप्रीत सिंह निवासी गांव रोडे की एचएफ नस्ल की गाय चैंपियन रहीं और इसी पशु-पालक का साहीवाल सांड़ सेकेंड रनरअप रहा। उन्होंने बताया कि गांव रोडे के ही पशुपालक सुखमंदर सिंह का नीली रावी नस्ल का सांड़ चैंपियन बना।
हरप्रीत सिंह निवासी गांव नूरपुर हकीमा की एचएफ गाय ने एक दिन में 66 किलो 713 ग्राम दूध देकर एक नया राष्ट्रीय रिकार्ड स्थापित किया। इस के अलावा जगजीत सिंह गांव रोडे के नीली रावि सांड़, सुखमंदर सिंह गांव लंगेआना की नीली रावी खीरी कट्टी, श्री अब्दुल सतार गांव तलवंडी मल्लियां की बीटल बकरी ने भी नस्ली मुकाबलों में पहले स्थान प्राप्त किए।
उन्होंने बताया कि बूटा सिंह गांव चूहड़चक के नीली रावी नस्ल के कटड़े, गुरमीत सिंह गांव रोडे की साहीवाल नस्ल की बछड़ी, जोगिंदर सिंह गांव बिलासपुर की साहीवाल नस्ल की बछिया, जय सिंह गांव बधनी कलां के मुर्राह नस्ल के सांड़, खीरी कटड़ी और जगजीत सिंह गांव रोडे़ की नीली रावी खीरी कटड़ी ने दूसरा स्थान प्राप्त किया। गुरमीत सिंह गांव रोडे की नीली रावी सांड़ ने तीसरा इनाम प्राप्त किया।
डिप्टी डायरेक्टर पशु पालन विभाग मोगा गुरमीत सिंह ने बताया कि गांव बधनी कलां के जय सिंह बेटे का सांड़ बली इससे पहले पीडीएफ के मेलों में भी विजेता रह चुका है।