फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सेहत मंत्री ने महिला डाक्टर को निलंबित करने के दिए आदेश

Sun, 10 Jan 2016 03:08 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फिरोजपुर
विज्ञापन
विज्ञापन
पंजाब स्वास्थ्य विभाग द्वारा एक ओर जहां सरकारी अस्पताल में प्रसव करवाने पर प्रसूता को सहयोग राशि के साथ अन्य सुविधाएं देने के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, वहीं दूसरी ओर अबोहर के सरकारी अस्पताल में प्रसव करवाने पर प्रति डिलीवरी महिला डाक्टर चार हजार रुपए वसूलती है।
विज्ञापन


सरकारी अस्पताल में डिलीवरी करवाने आए करीब एक दर्जन प्रसूताओं के परिजनों ने स्वास्थ्य मंत्री चौ. सुरजीत ज्याणी को यह समस्या बताई जो मंत्री ज्याणी भौचक्के रह गए। उन्होंने मौके पर ही मौजूद एसएमओ डा. युधिष्ठिर चौधरी सहित महिला डाक्टरों व आशा वर्करों की जमकर लताड़ लगाते हुए एक महिला डाक्टर को निलंबित करने के निर्देश दिए तथा पिछले एक माह के दौरान हुई डिलीवरियों की पूरी रिपोर्ट तलब की है।

गांव सैदांवाली निवासी ओम प्रकाश ने एसएमओ को शिकायत देकर आरोप लगाया कि उसकी बेटी रचना के प्रसव के दौरान सरकारी अस्पताल की महिला डाक्टर ने चार हजार रुपए वसूले हैं।
विज्ञापन


एसएमओ द्वारा कोई सुनवाई न करने पर ओम प्रकाश ने नगर परिषद प्रधान प्रमिल कलानी के माध्यम से स्वास्थ्य मंत्री सुरजीत ज्याणी तक अपनी शिकायत पहुंचाई। जिसे गंभीरता से लेते हुए सांय करीब 4 बजे स्वास्थ्य मंत्री ने अचानक सरकारी अस्पताल में छापेमारी की और जैसे ही जच्चा-बच्चा वार्ड में शिकायतकर्ता से बातचीत कर रहे थे तो पूरे वार्ड की नवप्रसूताओं ने एक स्वर में शिकायत की कि उक्त महिला डाक्टर ने हम सभी से चार-चार हजार रुपए वसूले हैं।

दर्जनों मीडिया कर्मियों सहित अस्पताल प्रशासन के सामने इतने बड़े भ्रष्टाचार का खुलासा होते ही उनके होश उड़ गए। मौके पर ही मौजूद एसएमओ युधिष्ठिर चौधरी को आढ़े हाथों लेते हुए मंत्री ज्याणी ने महिला डाक्टर गुरलीन कौर सहित आशा वर्कर परमजीत कौर आदि को मौके पर बुलाया और जमकर लताड़ लगाई।

ज्याणी ने कहा कि ऐसे भ्रष्ट डाक्टरों के कारण ही मरीज सरकारी अस्पतालों में आने से कतराते हैं। शिकायतकर्ताआें ने बताया कि उक्त महिला डाक्टर गर्भवती को अंदर बुलाकर बेहोश करने के बाद आशा वर्कर के हाथों उसके परिजनों से चार हजार रुपए मंगवाती है। ऐसे में कोई परिजन मना भी नहीं कर सकता।

मंत्री ज्याणी ने तुरंत प्रभाव से डा. गुरलीन कौर को निलंबित करने के आदेश दिए। इसके बाद पिछले एक महीने में हुई डिलीवरियों की पूरी रिपोर्ट तलब कर उनके आफिस पहुंचाने की जिम्मेदारी परिषद प्रधान प्रमिल कलानी की लगाई है।

जच्चा-बच्चा वार्ड में मंत्री को शिकायत करने वालों में पिंकी पत्नी मनोज कुमार निवासी प्रेम नगर, रमन पत्नी पवन कुमार निवासी गांव बजीतपुर भोमा, मनप्रीत कौर पत्नी गुरप्रीत निवासी रायपुरा, शारदा पत्नी संदीप निवासी गांव कुलार तथा रचना पत्नी पंकज कुमार निवासी सैदावाली आदि शामिल थीं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें