एसएचओ और सब इंस्पेक्टर पर एक नाबालिग को बिना आरोप थाने में बंद कर लाठियों से पीटने का मामला सामने आया है।
नाबालिग को जख्मी हालत में अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। बताया जा रहा है कि जब क्षेत्र के कुछ लोग युवक को छुड़वाने के लिए थाने में गए तो एसएचओ ने उनके साथ दुर्व्यवहार कर थाने से बाहर निकाल दिया।
उपचाराधीन युवक विवेक ने आरोप लगाया कि सब-इंस्पेक्टर जसपाल सिंह और एसएचओ सुरेंद्र बांसल उसे पकड़कर थाने में ले गए। दोनों ने उसकी लाठियों से बुरी तरह पिटाई की।
जब उसने आरोप पूछा तो उसे और पीटा गया। उसकी पीठ पर लाठियों के निशान हैं। युवक ने बताया कि जब क्षेत्र के कुछ लोग उसे छुड़वाने थाने पहुंचे तो एसएचओ बांसल ने उनके साथ भी दुर्व्यवहार किया और उन्हें थाने से बाहर निकाल दिया।
इसके बाद उन्होंने फिर लाठियों से बुरी तरह पीटा। आधी रात को किसी का फोन आने पर उसे छोड़ दिया गया। पीड़ित परिवार ने एसएसपी फिरोजपुर को शिकायत पत्र देकर थाना प्रभारी व सब इंस्पेक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
सब इंसपेक्टर जसपाल सिंह का कहना है कि वह विवेक को थाने में लेकर आने के बाद किसी काम से चले गए थे। उन्होंने विवेक से मारपीट नहीं की। वहीं दूसरी तरफ एसएचओ सुरेंद्र बांसल का कहना है कि उनपर लगे सभी आरोप बेबुनियाद हैं। उन्होंने विवेक को लाठियों से नहीं पीटा।
एसएसपी मनमिन्द्र सिंह का कहना है कि मामले की जांच एसपी (डी) को सौंपी गई है। जांच के बाद आरोपी एसएचओ और सब इंस्पेक्टर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।