धुंध ट्रेनों के लिए बाधा खड़ी कर रही है। रेल प्रशासन ने पंद्रह दिसंबर से डिवीजन की कई पैसेंजर ट्रेनें रद्द कर दी थी।
जनवरी
में घनी धुंध पड़ने के कारण डिवीजन ने 92 मेल एक्सप्रेस ट्रेनें (जो ट्रेन
सप्ताह में छह दिन चलती थी वो अब दो दिन चलेगी) 8 जनवरी से 28 फरवरी तक
रदद कर दी हैं। बाकी ट्रेनों को धुंध में चलाने के लिए फॉग पटाखे और फॉग
सेव डिवाइज की मदद ली जा रही है। यही नहीं गेटमैनों और गैंगमैनों को सख्त
ड्यूटी देने के आदेश दिए हैं। जम्मूतवी, पठानकोट की तरफ से गुजरने वाले
ट्रैक पर पैनी नजर रखी जा रही है।
रेल अधिकारियों का कहना है कि आठ
जनवरी से 28 फरवरी तक पूरी तरह छह ट्रेनें (जैसे सिरसा-अमृतसर,
अमृतसर-सिरसा, अजमेर-अमृतसर, अमृतसर-अजमेर व 9612-9613) रद्द की गई हैं।
पंद्रह दिसंबर को कई पैसेंजर ट्रेनें पहले ही रद्द कर दी गई हैं। धुंध और
अधिक ठंड के कारण कई बार ट्रैक भी चटक जाते हैं। ऐसी स्थिति में रेल हादसा
होने का भय रहता है इसीलिए ट्रेनों की संख्या में कमी की गई है।
पैसेंजर ट्रेन से पहले ट्रैक पर दौड़ेगा पालयट इंजन : डीआरएम
फिरोजपुर।
डीआरएम अनुज प्रकाश का कहना है कि पठानकोट में आतंकी हमला होने के बाद
यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पठानकोट-अमृतसर,
अमृतसर-पठानकोट, जालंधर कैंट-माधोपुर पंजाब व जालंधर सिटी-अमृतसर के बीच
रात 11 बजे से सुबह छह बजे तक चलने वाली पैसेंजर ट्रेन से पहले एक पायलट
इंजन ट्रैक पर दौड़ाया जाएगा।
उस पर जीआरपी और आरपीएफ के जवान होंगे
ताकि पता चल सके कि ट्रैक सही है। यदि ट्रैक पर कोई भी खराबी या किसी घटना
की आशंका होने पर पैसेंजर ट्रेन नहीं चलाई जाएगी।