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रक्षा मंत्रालय ने मांगी अवैध जमीन की खरीद-फरोख्त की रिपोर्ट

Sun, 17 Jan 2016 02:53 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फिरोजपुर
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रक्षा मंत्रालय ने तत्कालीन 16 कैंटोनमेंट बोर्ड के सीईओ व डिफेंस एस्टेट अधिकारी (जालंधर) से फिरोजपुर छावनी क्षेत्र में जमीन की अवैध तरीके से की खरीद-फरोख्त की रिपोर्ट मांगी है। सूत्रों का कहना है कि एक शिकायत पर पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने सीबीआई को उक्त जमीन की खरीद-फरोख्त की जांच के आदेश दिए थे।
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सीबीआई ने 2013 में उक्त मामले की पूरी तहकीकात कर अपनी रिपोर्ट हाईकोर्ट में पेश की थी। रिपोर्ट पेश होने के बाद हाईकोर्ट ने रक्षा मंत्रालय को रिपोर्ट भेजकर कहा था कि सेलडीड रद की जाए और अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई की जाए। लेकिन रक्षा मंत्रालय ने जांच के लिए जब यह रिपोर्ट डायरेक्टर जनरल डिफेंस एस्टेट रविकांत चोपड़ा (अब सेवानिवृत्त हो चुके हैं) को भेजी थी तो चोपड़ा ने रक्षा मंत्रालय से रिपोर्ट क्लोज करने की सलाह दी थी।

अब फिर से रक्षा मंत्रालय ने डायरेक्टर जनरल डिफेंस एस्टेट को एक पत्र भेज तत्कालीन अधिकारियों से उक्त जमीन की अवैध तरीके से हुई खरीद-फरोख्त की रिपोर्ट मांगी है। इससे अधिकारियों में खलबली मच गई है।
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कैंटोनमेंट बोर्ड के प्रिंसिपल डायरेक्टर एके कपूर का कहना है कि उनके पास इस प्रकार का कोई पत्र नहीं आया है। जिन अधिकारियों से जमीन की खरीद-फरोख्त संबंधी रिपोट मांगी गई है उनके पास पत्र आया होगा, क्योंकि यह मामला काफी पुराना है।

सूत्रों के मुताबिक सीबीआई ने फिरोजपुर छावनी जमीन की अवैध तरीके से हुई सेलडीड की 2013 में जांच कर हाईकोर्ट में रिपोर्ट पेश की थी। इसमें सीबीआई ने तीन सिफारिशें की थी कि 1970 से लेकर आज तक छावनी में जितनी भी ओल्ड ग्रांट की सेलडीड हुई हैं उन्हें रद्द किया जाए।

दूसरा कई बंगलों को कानून के मुताबिक अपने कब्जे में लिया जाए। तीसरा जिन सीईओ और डीईओ (डिफेंस इस्टेट आफिसर) के समय जमीनों की अवैध सेलडीड हुई है उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाए तथा अवैध निर्माण गिराया जाए। इसके बाद हाईकोर्ट ने सीबीआई की रिपोर्ट की सभी फाइलें रक्षा मंत्रालय के पास कार्रवाई के लिए भेज दी। रक्षा मंत्रालय ने डायरेक्टर जनरल कैंटोनमेंट संपदा नई दिल्ली को भेजी दी।
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