अबोहर के बहुचर्चित भीम टांक हत्याकांड के आरोपियों को घटना के बाद वित्तीय सहायता प्रदान करने तथा उन्हें दिल्ली तक छोड़ने के आरोप में दो आरोपियों ने सोमवार को एसपी अबोहर हरजीत सिंह के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया।
दोनों को अदालत में पेश किया गया जहां से दोनों को 24 दिसंबर तक पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। वहीं दूसरी ओर अदालत ने अमित डोडा को दस दिन पुलिस रिमांड पर भेजा दिया है।
फिरोजपुर रेंज के डीआईजी अमर सिंह चहल ने बताया कि सोमवार को एसपी के समक्ष पेश होने वाले आरोपियों में स्थानीय गुरदयाल नगर निवासी प्रदीप उर्फ हैप्पी पुत्र नंदलाल तथा श्री मुक्तसर के गांव सम्मेवाली निवासी संदीप उर्फ सोनू पुत्र बलकार सिंह शामिल हैं।
पहले से पुलिस हिरासत में चल रहे आरोपियों से पूछताछ में यह बात सामने आई है कि घटना के बाद प्रदीप उर्फ हैप्पी ने उन्हें हजारों रुपये की आर्थिक सहायता दी थी जिससे वे यहां से फरार होने में सफल हो सके। वहीं संदीप उर्फ सोनू इन हत्यारोपियों को कार से दिल्ली तक छोड़कर आया था।
इन दोनों आरोपियों के नाम सामने आने पुलिस ने इन्हें पकड़ने के लिए छापामारी की तो यह दोनों ही आज एसपी हरजीत सिंह के समक्ष पेश हो गए। सिंह ने बताया कि इस मामले में अब तक 15 आरोपी काबू हो चुके हैं। राजा, बजीर, पारी, छज्जू और हैप्पी की सरगर्मी से तलाश जारी है। उन्होंने बताया कि अदालत ने अमित डोडा को दस दिन पुलिस रिमांड में भेजा है।