सरकारी बरजिंदरा कालेज में शुक्रवार को पंजाब स्टूडेंट्स यूनियन (पीएसयू) और एनएसयूआई के बीच टकराव हो गया। मामला उस समय भड़का जब पीएसयू के नेतृत्व में कालेज प्रशासन के खिलाफ रोष प्रदर्शन विद्यार्थियों पर बाहर से आए कुछ युवकों ने हमला कर दिया।
इस भिड़ंत के दौरान आठ स्टूडेंट्स घायल हुए जिनमें से दो को गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल कालेज अस्पताल और एक को बठिंडा के निजी अस्पताल में दाखिल करवाया गया है। पीएसयू का आरोप है कि हमला करने वाले युवकों का संबंध एनएसयूआई से है जबकि एनएसयूआई के नेता नीरइंद्र सिंह का दावा है कि इस घटना से उनके संगठन का कोई लिंक ही नहीं है।
बरजिंदरा कालेज में गुरु नानक पार्क में विद्यार्थियों के बैठने पर लगाई गई पाबंदी के खिलाफ विद्यार्थियों द्वारा पंजाब स्टूडेंट्स यूनियन के नेतृत्व में संघर्ष शुरू किया गया था। एक दिन पहले भी पीएसयू की मीटिंग में खुद को एनएसयूआई का कार्यकर्ता बताने वाले कुछ युवकों ने पीएसयू वर्करों के साथ मारपीट की थी।
शुक्रवार को इसके खिलाफ पीएसयू द्वारा हाकी मैदान के पास रोष रैली की जा रही थी। रैली के बाद जब विद्यार्थी कालेज से बाहर जाने के लिए मार्च कर रहे थे तो स्टाफ कक्ष के पास प्रिंसिपल की रिहायश की ओर से कुछ हथियारबंद युवकों ने रैली कर रहे विद्यार्थियों को घेर लिया।
स्टाफ के बीच बचाव करने के बावजूद इन युवकों ने प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों पर हमला कर दिया। इस दौरान दोनों गुटों के बीच काफी देर तक टकराव चलता रहा जिसके चलते कुछ स्टूडेंट्स को गंभीर चोटें भी लगीं। घटना के उपरांत हमला करने वाले युवक फरार हो गए। सूचना मिलने पर थाना कोतवाली प्रभारी सुरजीत सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्िथिति को कंट्रोल किया।
पीएसयू के प्रांतीय अध्यक्ष राजेंदर सिंह व कर्मजीत कोटकपूरा ने कहा कि कॉलेज प्रसासन ने साजिश के तहत उनके वर्करों पर हमला करवाया है। कॉलेज के प्रिंसिपल जसवीर सिंह बोपाराय ने कहा कि उन्होंने दो दिन पहले ही पदभार संभाला है और कालेज व विद्यार्थियों में चल रहे इस विवाद उन्हें कोई जानकारी नहीं थी। पुलिस के अनुसार इस घटना में घायलों के बयान के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।