फैक्ट्री संचालक व मजदूरों के बीच चल रहे विवाद के चलते पिछले 4 दिनाें से दाना मंडी में धान एवं नरमे की बोली न होने परेशान किसानाें को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा हे। इसी के चलते सोमवार बाद दोपहर भारतीय किसान यूनियन लक्खोवाल के नेतृत्व में किसानों ने अबोहर फाजिल्का राष्ट्रीय राजमार्ग पर चक्का जामकर प्रशासन एवं सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान दोनाें ओर वाहनाें की लंबी कतारें लग गईं।
भारतीय किसान यूनियन लक्खोवाल के सदस्य मेजर सिंह मुरादवाला, बलकरण सिंह, सुभाष गोदारा, बुधराम बिशभनोई, लक्खा सिंह, मक्खन सिंह, व अन्य किसानाें बलबीर सिंह, बूटा सिंह, सुखमंदर सिंह, त्रिलोचन सिंह ने बताया कि 4 दिनाें से मंडी में नरमे व धान की बोली न होने से किसानाें को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
इतना ही नहीं जो किसान किराए पर वाहन लेकर आए हैं उनको भारी आर्थिक नुकसान भी पहुंच रहा है जबकि धान उत्पादक किसान तो पहले ही 15 दिनों से शैलर मालिकाें की मनमर्जी के कारण मंडी में बैठे हैं जिनकी कोई सुध नहीं ली जा रही। उन्हाेंने कहा कि दाना मंडी में कुछ फैक्ट्री संचालकों एवं धानक मजदूर यूनियन के सदस्यों के आपसी मनमुटाव के कारण बोली रुकी हुई है।
प्रशासनिक अधिकारियाें ने फैक्ट्री संचालकाें व धानक मजदूराें का विवाद निपटाने का कोई प्रयास नहीं किया जिस कारण 4 दिनाें से बोली रुकी हुई है अगर प्रशासन ने समय रहते प्रयास किया होता तो आज उन्हें धरना लगाने की नौबत न आती।
चक्का जाम पर पहुंचे एसडीएम राजपाल सिंह, थाना प्रभारी बलकार सिंह व भाजपा नेत्री विजय लक्ष्मी भादू ने किसानों को समझाकर धरना उठावाया। बाद में भादू ने कहा कि अगर मंगलवार को प्रशासन ने मजदूरों व फैक्ट्री संचालकों का विवाद न सुलझाया तो वे स्वयं किसानों के साथ धरने पर बैठेंगी।