राज्य के मानवाधिकार संगठनों ने बरगाड़ी बेअदबी मामले को लेकर 14 अक्तूबर 2015 को गांव बहिबल कलां में सिख जत्थेबंदियों के शांतिपूर्ण रोष धरने पर पुलिस फायरिंग मामले की जांच के लिए सेवामुक्त जस्टिस मारकंडेय काटजू की अध्यक्षता में आयोग का गठन किया है।
यह आयोग घटना की जांच करने के लिए 30 जनवरी को बहिबल कलां पहुंचेगा और एक फरवरी तक मारे गए दोनों सिख नौजवानों समेत घायलों व घटना से जुडे़ गवाहों के बयान दर्ज करेगा।
साथ ही आयोग की तरफ से 14 अक्तूबर को ही कोटकपूरा में सिख जत्थेबंदियों के रोष धरने पर पुलिस लाठीचार्ज व फायरिंग मामले की भी पड़ताल शुरू की जाएगी।
बहिबल गोलीकांड की घटना के संदर्भ में जिला पुलिस की तरफ से थाना बाजाखाना में अज्ञात पुलिस पार्टी के खिलाफ हत्या का केस दर्ज करके जांच की जा रही है। साथ ही राज्य सरकार भी जस्टिस जोरा सिंह आयोग से भी इस मामले की जांच करवा रही है।
सिख वार ह्यूमन राइटस, लायरस वार हयूमन राइटस और पंजाब मानवाधिकार संस्था ने पिछले माह बहिबल गोलीकांड की जांच के लिए जस्टिस मारकंडेय काटजू की अध्यक्षता में आयोग का गठन किया था और सचिव के तौर पर राज्य के पूर्व डीडीपी (जेल) शशिकांत को शामिल किया गया है।