गांव जोगेवाला के गुरुद्वारा साहिब में गुरु मान्यो ग्रंथ खालसा जत्था की ओर से धार्मिक समागम आयोजित किया गया। इस मौके पर सिख संगत एवं संत समाज ने शिरोमणि कमेटी की ओर से बर्खास्त किए गए पांच प्यारों को सम्मानित किया।
संगत जयकारों से उन्हें समर्थन दिया। इस मौके पर दो पूर्व जत्थेदार ज्ञानी बलवंत सिंह नंदगढ़ और प्रो. मनजीत सिंह और ज्ञानी केवल सिंह ने भी शिरकत की।
बाबा बंदा सिंह जी बहादुर जी की शहीदी शताब्दी को समर्पित समागम को संबोधित करते भाई रेशम सिंह खुखराना ने गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी करने एवं करवाने वालों को सजाएं देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सिख सिद्धांतों और सिख संस्थाओं पर हो रहे हमलों से संगतों को सचेत होने और सिख संगत को आगे आने का न्योता दिया।
उन्होंने गुरमित प्रचार और अमृत प्रचार लहर को तेज करने के लिए उपराले जारी रखने के लिए कहा गया। भाई सतनाम सिंह खंडा ने कहा कि चाहे शिरोमणि कमेटी ने उनके फैसले को लागू नहीं किया और उल्टा उन्हें ही नौकरी से बर्खास्त कर दिया है।
शिरोमणि कमेटी के इस फैसले के बावजूद संगत की ओर से उन्हें भरपूर समर्थन मिला है। उन्होंने कहा कि संगत की ओर से जत्थेदारों का सामाजिक बायकाट करना ही उनके फैसले पर अमल की शुरुआत है।
पूर्व जत्थेदार ज्ञानी बलवंत सिंह नंदगढ़ ने कहा कि उन्होंने बिना किसी शर्त के अपना समर्थन पांच प्यारों को दिया है। इसका मुख्य मंतव्य धार्मिक मामलों में राजनीतिक दखल अंदाजी को रोकना है। उन्होंने दावा किया कि पांच प्यारों को नौकरी से बर्खास्त करने का फैसला राजनीतिक तौर पर लिया गया था।
इसी तरह पंथक तालमेल संगठन के कनवीनर एवं पूर्व जत्थेदार ज्ञानी केवल सिंह, प्रो. मनजीत सिंह, संत बाबा महेंदर सिंह जनेर, बाबा गुरसेवक सिंह शीहनी साहिब, बलदेव सिंह जोगेवाला ने पांच प्यारों को समर्थन देने का एलान किया।