फिरोजपुर/अबोहर। मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने सप्पांवाली में संगत दर्शन में गैरहाजिर अधिकारियों को निलंबित करने के आदेश दिए। कोऑपरेटिव सोसाइटी के सहायक रजिस्ट्रार को आवाज दी गई, वह हाजिर नहीं थे। इस पर उन्हें निलंबित कर दिया। इसी तरह जिला शिक्षा अधिकारी संदीप धूड़िया को बुलाया गया, वह भी नहीं थे। उन्हें भी निलंबित करने के आदेश दिए, लेकिन थोड़ी देर में वह आ गए और वाहन का टायर फटने की बात कहने पर बच गए।
जानकारी के अनुसार रविवार को गांव सप्पांवाली के सरकारी स्कूल में नए कमरे बनाने की मांग की जा रही थी। इस पर मुख्यमंत्री ने जिला शिक्षा अधिकारी संदीप धूड़िया को बुलाया, लेकिन वह मौके पर नहीं थे। कुछ देर इंतजार के बाद धूड़िया नहीं पहुंचे तो मुख्यमंत्री ने आदेश जारी किए कि उनको चार्जशीट करते हुए नोटिस जारी किया जाए कि क्यों न उन्हें नौकरी से सस्पेंड कर दिया जाए। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने धूड़िया के सस्पेंशन आर्डर नोट कर लिए। लेकिन थोड़ी देर बाद धूड़िया बादल के समक्ष पेश हो गए। लेट होने का कारण पूछने पर उन्होंने सफाई दी कि उनकी गाड़ी का टायर फट गया, इसलिए वह लेट हो गए। इस पर बादल ने कहा कि दो पुलिस कर्मचारी भेजकर डीईओ की गाड़ी का टायर चैक करवाओ, यह झूठ बोलते हैं। इस पर धूड़िया ने कहा कि सर गाड़ी तो वापस भेज दी। बादल ने फिर कहा कि टायर फट गया तो गाड़ी वापस कैसे गई। उन्हाेंने धूड़िया को कड़ी फटकार लगाई।
इस दौरान सांसद घुबाया तथा मंत्री सुरजीत ज्याणी ने भी धूड़िया को माफ करने की अपील की। इस पर बादल ने उन्हें भी फटकारते हुए कहा कि हमारा मुल्क इसीलिए उन्नति नहीं कर पा रहा है, क्योंकि एक अधिकारी को गलती की सजा मिलने से पहले उसके सिफारिशी उसे बचा लेते हैं। इसके बाद कोऑपरेटिव सोसायटी के सहायक रजिस्ट्रार को संगत दर्शन में हाजिर न होने पर सस्पेंड कर दिया है। बादल ने कहा कि जनता के हितों को मुख्य रखते हुए वे अधिकारियों की लापरवाही किसी सूरत में सहन नहीं करेंगे। उन्होंने सभी अधिकारियों को समय पर अपनी ड्यूटी ईमानदारी से निभाने की हिदायत दी।