अबोहर (फिरोजपुर)। वैश्विक आतंकवाद की बढ़ती चुनौती के बीच भारत और फ्रांस के बीच पर्वतीय क्षेत्र में संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘शक्ति 2013’ फ्रांस के ग्रेनोबल में सोमवार से शुरू हो रहा है। रक्षा प्रवक्ता कर्नल एसडी गोस्वामी ने रविवार को बताया कि 9 से 20 सितंबर तक हो रहे इस संयुक्त अभ्यास में भारत की ओर से जयपुर में स्थित दक्षिण पश्चिम कमान की कुमाऊं रेजीमेंट की पांचवीं बटालियन और फ्रांस की ओर से 27 माउंट इंफेंट्री ब्रिगेड के एल्पाइन दल के सैनिक शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि यह युद्धाभ्यास आल्पस पर्वत पर होगा। इसमें दोनों देशों के कुल 60 सैनिक शिरकत करेंगे। उन्होंने बताया कि यह भारत और फ्रांस के बीच सैन्य अभ्यास का पहला अवसर है।
गोस्वामी ने बताया कि प्लाटून स्तर पर होने वाले इस युद्धाभ्यास का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों की परस्पर सैन्य जानकारी का आदान प्रदान करना और वैश्विक स्तर पर बढ़ रही आतंकवाद की चुनौतियों का सामना करने के लिए पर्वतीय क्षेत्र में युद्ध कौशल बढ़ाना है। उन्होंने बताया कि इस संयुक्त सैन्याभ्यास के निर्धारित मापदंड पूरा करने के लिए भारतीय सैनिकों ने कश्मीर के पर्वतीय और बर्फीले इलाकों तथा सोनमार्ग में एक उन्नत तकनीकी सैन्य केंद्र में गहन प्रशिक्षण लिया है। कर्नल ने बताया कि फ्रांस भारतीय सैनिकों की सियाचिन जैसे ऊंचाई और बर्फीले पर्वतों पर युद्ध करने की क्षमता का कायल है। वह उनके इस क्षेत्र में गहन अनुभवों का लाभ उठाना चाहता है। उन्होेंने बताया कि इस सैन्य अभ्यास से भारत और फ्रांस के बीच सैन्य संबंध और रक्षा सहयोग मजबूत होने की उम्मीद है।