मालेरकोटला (संगरूर)। पंजाब के विभिन्न शहरों में गायों पर हो रहे अत्याचार के मामले में शुक्रवार को मुस्लिम धर्मगुरु ने हिंदू-सिख संगठनों की बैठक में फतवा जारी कर कहा है कि गौ अत्याचार गैर इस्लामी है और मुस्लिम समाज गौ हत्या और गौ उत्पीड़न के सख्त विरुद्ध है। मुफ्ती इरत्कारूल हसन कांधालवी ने शुक्रवार को बैठक में इस बाबत फतवा दिया है। इसका हिंदू-सिख संगठनों ने खुले दिल से अभिनंदन किया है।
पंजाब के सुनाम और मालेरकोटला में कुछ दिनों से गौ उत्पीड़न और लाचार गायों पर तेजाब डालने के मामले सामने आ रहे थे। इसे लेकर मालेरकोटला के अमरगढ़ थाने की पुलिस ने कुछ दिन पूर्व अज्ञात लोगों पर पर्चा दर्ज किया था। घटना के बाद हिंदू सिख संगठनों में रोष बढ़ता जा रहा था। पुलिस प्रशासन की इस बाबत हिंदू संगठनों के साथ बैठकें हुई हैं। राज्य स्तरीय रोष रैली 5 अगस्त को मालेरकोटला करने की घोषणा की गई। प्रशासन ने शुक्रवार को हिंदू, सिख और मुस्लिम संगठनों की अमन कमेटी की बैठक बुलाकर सभी के विचार लिए। इसमें मंच से मुफ्ती इरत्कारूल हसन कांधांलवी ने गौ अत्याचार को गैर इस्लामी करार दिया। बैठक के बाद हिंदू सिख संगठनों की ओर से गुरबचन सिंह मोखा ने कहा कि फतवा बेहद प्रशंसनीय है और इससे भाईचारे की महक आ रही है। उधर, संगरूर के डीसी कुमार राहुल ने कहा है कि मालेरकोटला में अमन को अगर नुकसान पहुंचने की आशंका हुई तो बाहर से आने वाले रोष मार्च को अनुमति नहीं दी जाएगी।