फिरोजपुर। साबका भाजपा विधायक सुखपाल सिंह नन्नू ने अपने निवासस्थान पर सैंकड़ों की संख्या में ग्रामीणों को एकत्र कर मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के स्वागत की सभी तैयारियां की हुई थी। लेकिन बादल वहां नहीं पहुंचे, जिस कारण सरपंच व ग्रामीण निराश होकर अपने गांव लौट गए।
नन्नू की कोठी में मुख्यमंत्री बादल ने बुधवार सुबह साढ़े ग्यारह बजे पहुंचना था। यहीं पर पत्रकारों के साथ प्रेस वार्ता होनी थी। ग्रामीणों से ग्राउंड खचाखच भरा हुआ था। सभी बादल का इंतजार कर रहे थे। सभी के हाथों में फूलों के हार थे। स्वागत की पूरी तैयारियां थी। कुछ लोग तो बादल को अपनी समस्या बताने के लिए फाइलें साथ लेकर आए थे। कई गांव के सरपंच भी अपने गांव के विकास व मुश्किलों संबंधी बादल से मिलने पहुंचे थे। ग्रामीणों के लिए लंगर का इंतजाम किया हुआ था। जैसे ही लोगों को पता चला कि बादल नहीं पहुंच रहे हैं। सभी निराश हो गए। जिस कारण ग्रामीण अपने गांव लौट गए। ज्ञात हो कि क्षेत्र के देव समाज कालेज फार वुमन में डिग्री वितरण समारोह में बादल शामिल होने आए थे। सियासी सूत्रों का कहना है कि नन्नू और भाजपा के प्रदेश प्रधान कमल शर्मा के बीच काफी दूरियां बनी हुईं हैं। शर्मा मुख्यमंत्री के सियासी सलाहकार भी हैं। इसीलिए बादल नन्नू के यहां नहीं गए। जबकि बादल शाम को शर्मा के निवासस्थान पहुंचे। इससे साफ हो गया कि बादल ने भी नन्नू के साथ पक्षपात किया है। नन्नू की सभी तैयारियां धरी की धरी रह गईं।