मोगा में प्रदर्शन करते किसान संगठन के सदस्य।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पंजाब के किसान संगठनों ने प्रदेश में कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए सरकार की तरफ से लगाए लॉकडाउन के विरोध में दुकानें खुलवाने का एलान किया था। वहीं दुकानदारों ने इससे इनकार कर दिया है। दुकानदारों का कहना है कि वे जिला प्रशासन की गाइडलाइन के अनुसार ही दुकानें खोलेंगे।
शनिवार को मोगा में भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां के कार्यकर्ताओं ने नेचर पार्क में एकत्रित होकर राज्य व केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद नेचर पार्क से लेकर मोगा के जोगिंदर सिंह मुख्य चौक तक रोष मार्च भी निकाला गया वहीं किसानों की लॉकडाउन खुलवाने की कॉल का समर्थन न करते हुए दुकानदार एसोसिएशन ने कोरोना के बढ़ते संकट को देखते हुए जिला प्रशासन का साथ देने का एलान किया है। दुकानदारों ने कहा कि वह जिला प्रशासन की गाइड लाइन के अनुसार ही अपनी दुकानें खोलेंगे। पठानकोट में भी लॉकडाउन के विरोध में किसानों ने रोष प्रदर्शन किया।
प्रशासन के आदेश पर खोलेंगे दुकानें : मिक्की
मोगा में दुकानदार एसोसिएशन के प्रधान हरप्रीत सिंह मिक्की ने कहा कि देश समेत राज्य भर में कोरोना की स्थिति गंभीर होती जा रही है। ऐसे में सख्त एहतियात बरतने की जरूरत है। मोगा के सभी दुकानदारों को पूर्ण भरोसा है कि जिला प्रशासन द्वारा दुकानदारों का कामकाज देखते हुए जल्द ही कोई योजना बनाई जाएगी, जिसके तहत एक तय समय और दिन के मुताबिक वह अपनी दुकानें खोल सकेंगे। लेकिन तब तक वह अपनी दुकानें नहीं खोलेंगे और जिला प्रशासन के आदेशों का पालन करते रहेंगे। मोगा का कोई भी दुकानदार नहीं चाहता कि उसकी वजह से किसी की जान को खतरा पैदा हो।
लॉकडाउन में दुकानदारों का साथ देंगे किसान : बलौर सिंह
भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां के नेता बलौर सिंह ने बताया कि मोगा के बहुत से दुकानदार लॉकडाउन के विरोध में हैं और किसानों की लॉकडाउन विरोधी कॉल का समर्थन भी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि शनिवार सुबह नेचर पार्क में संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से एक अहम बैठक की गई, जिसमें फैसला लिया गया कि लॉकडाउन का विरोध करने वाले दुकानदारों का किसान यूनियन डटकर साथ देंगी। इस बैठक के बाद नेचर पार्क से लेकर जोगिंदर सिंह चौक तक किसानों ने पैदल रोष मार्च निकाला।
इससे पहले शुक्रवार को मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने राज्य में बढ़ रहे कोविड के मामलों के मद्देनजर सभी डिप्टी कमिश्नरों को अपने-अपने जिलों में जरूरत के अनुसार कोई भी नया और सख्त प्रतिबंध लगाने के लिए अधिकृत कर दिया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कर दिया कि दुकानों और निजी दफ्तरों को रोटेशन (बारी-बारी) के आधार खोलने के फैसले को छोड़कर बाकी मौजूदा प्रतिबंधों में किसी तरह की ढील बरतने की इजाजत नहीं दी जाएगी।