बटाला में प्रदर्शन करते बस चालक के परिजन।
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बटाला में चार मई को खेतों में नाड़ को आग लगने के कारण एक निजी स्कूल की बस खेत में पलट गई थी और बस को आग लग गई थी। इस हादसे में 7 बच्चे झुलस गए थे। मंगलवार को ग्रामीणों के साथ मिलकर निजी स्कूल के बस ड्राइवर जगप्रीत सिंह निवासी गांव बिजलीवाल के परिजनों ने बटाला जीटी रोड पर स्थित गांधी चौक में चक्का जाम करके प्रदर्शन किया। बीच चौक में ट्रैक्टर-ट्राली लगाकर प्रदर्शनकारियों ने करीब एक घंटा प्रदर्शन किया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की। वहीं पुलिस द्वारा निजी स्कूल बस चालक पर किया गया मामला रद्द करने की मांग भी की।
ड्राइवर जगप्रीत सिंह के भाई तरसेम सिंह और मां जसबीर कौर ने बताया कि चार मई को गांव बिजलीवाल के पास खेतों में नाड़ को आग लगने के कारण निजी स्कूल की बस खेत में पलट गई थी और बस को आग लग गई थी। बस में 32 बच्चे थे। इस हादसे में 7 बच्चे झुलस गए थे। उन्होंने आगे कहा कि बस चालक जगप्रीत सिंह ने तो बहादुरी से अपनी जान की परवाह किए बिना बस के शीशे तोड़ कर बच्चों को बचाया था। पुलिस ने केवल बस ड्राइवर जगप्रीत सिंह को आरोपी मानते हुए उस पर मामला दर्ज करके उसको गिरफ्तार कर लिया है। जबकि इस हादसे से संबंधित उन खेत मालिकों पर कोई कार्रवाई नही की गई है जिसने अपने खेत की नाड़ को आग लगाई थी।
उन्होंने कहा कि कार्रवाई सभी पर बराबर होनी चाहिए थी। अगर बस ड्राइवर चाहता तो वह मौके से भाग सकता था लेकिन ऐसा न करके उसने बच्चों की जानें बचा कर इंसानियत का फर्ज निभाया। प्रशासन ने उसको सम्मानित करने के बजाय उसको गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से इंसाफ की मांग करते हुए कहा कि बस चालक पर किया गया मामला रद्द किया जाए।
प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे डीएसपी सिटी देव सिंह ने बताया कि उन्होंने बस चालक के पारिवारिक सदस्यों की बात को सुना है। परिजनों का कहना है कि बस ड्राइवर ने बच्चों की मदद की है और बस चालक पर गलत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस उसकी जांच करेगी। जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुसार ही कार्रवाई की जाएगी।