पंजाब में बिजली की दरों में जबरदस्त बढ़ोतरी की गई है। प्रति यूनिट 47 से 63 पैसे तक बढ़ाए गए हैं। घरेलू बिजली के बिलों में कम से कम 50 रुपये की बढ़ोतरी होगी।
पंजाब राज्य नियामक आयोग ने कृषि के लिए बिजली की दरें जहां केवल 1.67 फीसदी बढ़ाई है, वहीं सबसे ज्यादा मार 100 यूनिट तक बिजली खपत करने वाले घरेलू उपभोक्ताओं पर पड़ी है।
इनकी बिजली की दरों में 14.49 प्रतिशत वृद्धि की गई है। पंजाब राज्य बिजली नियामक आयोग ने उद्योगों की बिजली 11.58 से लेकर 12.83 फीसदी तक महंगी कर दी है।
दरबार साहिब और दुर्ग्याणा मंदिर को पहले की तरह दो-दो हजार यूनिट बिजली मुफ्त मिलनी जारी रहेगी। आयोग का फैसला 1 अप्रैल 2013 से लागू हो गया है। आयोग के इस फैसले से प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं पर 1782.50 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
बिजली नियामक आयोग की चेयरपर्सन रोमिला दूबे, सदस्य विरिंदर सिंह और गुरिंदर जीत सिंह ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में नई बिजली दरों की घोषणा की।
उन्होंने बताया कि पावरकॉम ने 23589.60 करोड़ रुपये मांगे थे, लेकिन आयोग ने 21592.45 करोड़ रुपये के राजस्व वसूली की मंजूरी दी है।
इससे पॉवरकाम को 1782.50 करोड़ रुपये अतिरिक्त आमदन होगी। प्रति यूनिट बिजली पैदा करने की लागत पिछले साल की 5.39 रुपये से बढ़कर चालू वित्तीय वर्ष में 5.78 रुपये प्रति यूनिट हो जाएगी।