पंजाब में डेंगू की रोकथाम को लेकर अब हर शुक्रवार को ड्राई डे मनाया जाएगा। इसमें कूलरों और वाटर कंटेनरों की सफाई होगी। यह फैसला सेहतमंत्री सुरजीत ज्याणी की अगुवाई में हुई स्टेट टास्क फोर्स की मीटिंग में लिया गया। मीटिंग में प्रमुख सचिव विन्नी महाजन और सचिव हुसन लाल भी मौजूद थे। बैठक में स्थानीय निकाय, वाटर सप्लाई व सेनिटेशन, पशु व मछली पालन, ग्रामीण विकास व पंचायत विभाग के अफसर भी शामिल हुए।
सेहत मंत्री ने सभी विभागों को मिलकर अभियान चलाने को कहा। स्थानीय निकाय और ग्रामीण विकास विभागों को ट्रांसमिशन सीजन के दौरान घरों व दफ्तरों की चेकिंग करने को कहा गया। अगर डेंगू पैदा करने वाली जगह मिलती है तो संबंधित जगह के मालिक का चालान काटा जाए। सेहतमंत्री ने कहा कि पंजाब में भले ही डेंगू के मरीजों की संख्या ज्यादा हुई, लेकिन डेंगू से मौतें बहुत कम हुईं। विभाग कीमती जिंदगियां बचाने में कामयाब रहा। उन्होंने साफ पानी की सप्लाई, पाइपों की रिपेयर यकीनी बनाने को कहा।
विनी महाजन ने कहा कि तापमान बढ़ने के साथ मच्छर भी बढ़ रहे हैं। दक्षिणी राज्यों में डेंगू के केस आने शुरू हो गए हैं, इसलिए पंजाब सरकार ने इसकी रोकथाम को अभी से गतिविधियां शुरू कर दी हैं। 2015 में डेंगू के मरीज बढ़ने के कारण जल्द बारिश शुरू होना था, जिससे मच्छरों की संख्या बढ़ गई थी। विभाग केनोटिफिकेशन केबाद निजी अस्पतालों ने भी डेंगू मरीजों की जानकारी दी थी।
डेंगू टेस्ट की सुविधा सभी जिला अस्पतालों में उपलब्ध है और इलाज भी मुफ्त किया जाता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि हर डेंगू मरीज को ग्लूकोज व प्लेटलेट्स की जरूरत नहीं होती। जरूरत से ज्यादा खून व प्लेटलेट चढ़ाना हानिकारक हो सकता है। इस दौरान डेंगू व मलेरिया से संबंधित जागरूकता पोस्टर भी रिलीज किया गया।