पंजाब के कपूरथला में 119 कनाल जमीन आखिर किसकी है। यह सवाल प्रशासन और पुलिस के लिए मुश्किल बना हुआ है। कपूरथला में करोड़ों रुपये की जमीन को लेकर कई लोग दावा पेश कर रहे हैं।
कपूरथला में जालंधर रोड पर एक करोड़ों की जमीन पर कब्जे को लेकर उस समय विवाद खड़ा हो गया है। जब जमीन पर अपना हक जताने वाले कई दावेदार आमने-सामने हो गए। वहीं वाल्मीकि समाज के लोगों ने भगवान वाल्मीकि की मूर्ति स्थापित कर मंदिर का दावा कर दिया। यह भी दावा किया कि इस जमीन में से दो कनाल भूमि मंदिर के लिए उन्हें दान में मिली है। वहीं, दूसरी तरफ उक्त जमीन पर कई अन्य लोग अपने कब्जे को लेकर दावा कर रहे हैं।
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इस विवादित माहौल को सुलझाने के लिए एसडीएम इरविन कौर और डीएसपी सब डिवीजन पुलिस बल सहित मौके पर पहुंचे। करीब तीन घंटे तक विवाद को सुलझाने का प्रयास किया गया। एसडीएम इरविन कौर ने इस मामले में कुछ भी कहने से साफ इनकार कर दिया है।
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सूत्रों के अनुसार जालंधर रोड पर लगभग 119 कनाल जमीन जो कि राजस्व रिकार्ड में पंजाब सरकार के खाते में है। कुछ अलग-अलग 5-6 लोगों ने इसी जमीन पर अपना मालिकाना हक होने का दावा किया है। उक्त भूमि पर कब्जे का दावा करने वाले बॉबी शर्मा ने बताया कि उनके बुजुर्गों को 1922 में यह 119 कनाल 15 मरले जमीन महाराजा कपूरथला ने दान दी थी। जमीन के जमाबंदी दस्तावेज भी एसडीएम को दे दिए हैं।
दूसरी तरफ भगवन वाल्मीकि की मूर्ति स्थापित करने वाले वाल्मीकि समाज के नेताओं ने दावा किया है कि यह जमीन उन्हें किसी ने मंदिर बनाने के लिए दान में दी है। इसके तहत आज उन्होंने पूर्ण आस्था से भगवान वाल्मीकि की मूर्ति की स्थापना की है।