पंजाब में हाउस टैक्स की जगह प्रापर्टी टैक्स लगाया जा रहा है। इसके लिए नगर निगमों और नगर काउंसिलों को निर्देश जारी कर दिए हैं। इस टैक्स की खासियत यह है कि इसकी गणना आयकर की तर्ज पर सरकार नहीं, करदाता स्वयं करेंगे। प्रापर्टी टैक्स पर 31 दिसंबर तक ब्याज नहीं लिया जाएगा।
मंदिर, मस्जिद, गिरजाघरों और गुरुद्वारों आदि धार्मिक संस्थाओं की संपत्तियों के अलावा शमशान भूमि, कब्रिस्तान और गौशालाओं आदि में यह टैक्स नहीं लगेगा।
इसके अलावा सरकारी इमारतों और ऐतिहासिक महत्त्व वाली इमारतों को भी इस टैक्स से बाहर रखा गया है। गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले लोगों को भी टैक्स की जद से दूर बाहर रखा है।
मंडी गोबिंदगढ़ नगर काउंसिल के हाउस टैक्स विभाग के सुपरिंटेंडेंट बरजिंदर सिंह ने बताया कि स्वयं कर गणना की प्रक्रिया बहुत सरल है।
सिंह ने बताया कि 50 वर्ग गज क्षेत्रफल वाले 450 वर्ग फुट निर्मित रिहायशी मकानों पर मात्र 50 रुपये वार्षिक प्रापर्टी टैक्स लगाया है और 100 वर्ग गज क्षेत्रफल वाले 900 वर्ग फुट निर्मित रिहायशी मकान पर 150 रुपये वार्षिक प्रापर्टी टैक्स देना होगा।
सुपरिंटेंडेंट ने खुलासा किया कि खाली जमीन और खाली इमारत के लिए स्वयं निर्धारित कीमत का 0.20 प्रतिशत प्रतिवर्ष टैक्स लगेगा। 500 वर्ग गज के रिहायशी मकान जिन पर मालिक का कब्जा हो, उसके लिए स्वयं निर्धारित कीमत का 0.50 प्रतिशत प्रतिवर्ष, 500 वर्ग गज से ऊपर 1 प्रतिशत प्रतिवर्ष और गैर रिहायशी इमारतों के लिए 3 प्रतिशत प्रतिवर्ष कर देना होगा।
पंजाब सरकार ने विधवाओं और अपाहिजों को टैक्स से 5 हजार रुपये प्रतिवर्ष छूट दी है। गैर सरकारी और गैर मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थाओं को टैक्स का 50 प्रतिशत प्रतिवर्ष माफ किया जाएगा। यह टैक्स 31 दिसंबर तक बिना किसी ब्याज के जमा करवाया जा सकता है।