खन्ना के दोराहा इलाके में पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ होने की खबर सामने आई है। इस दौरान पुलिस ने एक बदमाश की टांग में गोली मारकर उसे काबू कर लिया। पकड़े गए आरोपी की पहचान इंद्रजीत सिंह बुई के रूप में हुई है। घायल आरोपी को इलाज के लिए सिविल अस्पताल पायल में भर्ती कराया गया है।
जानकारी के मुताबिक 24 दिसंबर की रात दोराहा के गांव राजगढ़ में पंचायत सदस्य मनप्रीत सिंह गोल्डी पर फायरिंग की गई थी। इस हमले में करीब आठ राउंड गोलियां चलाई गई थीं। घटना के बाद पुलिस ने इंद्रजीत सिंह बुई और उसके साथियों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था।
पुलिस को बीती रात सूचना मिली कि इंद्रजीत सिंह बुई अपने दो साथियों के साथ दोराहा में केएफसी के पीछे स्थित एक सुनसान कॉलोनी में छिपा हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने इलाके की घेराबंदी कर दी। जब पुलिस की गाड़ियां कॉलोनी में पहुंचीं तो आरोपी एक घर की दीवार फांदकर भागने की कोशिश करने लगे।
बताया जा रहा है कि घेराबंदी के दौरान इंद्रजीत सिंह बुई आगे की ओर भागा, जहां दोराहा थाना के एसएचओ आकाश दत्त अपनी टीम के साथ पहले से ही मोर्चा संभाले खड़े थे। पुलिस को देखते ही आरोपी ने पिस्तौल से फायरिंग कर दी, जिसमें दो गोलियां पुलिस की गाड़ी को लगीं।
हालात को काबू में करने के लिए पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की। इस दौरान इंद्रजीत सिंह की टांग में गोली लगी और उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। बाद में उसे इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
मौके पर पहुंचे एसएसपी खन्ना डॉ. ज्योति यादव बैंस ने बताया कि इंद्रजीत सिंह के खिलाफ पहले से ही कई गंभीर मामले दर्ज हैं। उस पर हत्या के प्रयास, लूट और फायरिंग जैसे आरोप हैं और वह चार मामलों में पुलिस को वांछित था। एसएसपी ने बताया कि इस केस में दो अन्य आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश के लिए पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।