राज्य जीएसटी विभाग की पटियाला की मोबाइल विंग टीम ने शनिवार की सुबह खन्ना में नौ स्थानों पर छापेमारी की। पांच लोगों को जाली फर्में के नाम पर 700 करोड़ के फर्जी बिल बना कर सरकार को 122 करोड़ रुपये की चपत लगाने के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान विनोद कुमार, आम आदमी पार्टी के नेता मनिंदर शर्मा उर्फ मनी, संदीप सिंह, अमरिंदर सिंह, सन्नी मेहता निवासी खन्ना के तौर पर हुई है।
जीएसटी मोबाइल विंग के इंचार्ज व एडिशनल कमिश्नर शौकत अहमद परे ने बताया कि विभाग की टीमों ने तड़के साढ़े चार से पौने पांच बजे के बीच खन्ना में एक साथ नौ ठिकानों पर छापे मारे। इस दौरान पांच लोगों को काबू किया गया। आरोपियों को पकड़ कर पीडब्ल्यूडी के भट्टियां स्थित रेस्ट हाउस ले जाया गया। दो आरोपी फरार हो गए। अहमद परे ने बताया कि कुछ समय पहले पकड़ी गई एक गाड़ी से सुराग मिला था कि दिल्ली के मार्फत पंजाब में बोगस जीएसटी बिलिंग का खेल चल रहा है।
उसके बाद मामले की जांच की गई। इससे पता चला कि कुछ लोग बिना बिल के मंडी गोबिंदगढ़ में फर्नेसों को माल बेच देते हैं। उसके बाद उसकी बोगस बिलिंग की जाती है। कुल 700 करोड़ रुपये की बिलिंग की गई थी।
इससे विभाग को 122 करोड़ की चपत लगी है। कुल 44 फर्में आरोपियों ने बना रखी थी। छापे में होशियारपुर, लुधियाना, पटियाला, जालंधर, फतेहगढ़ साहिब समेत कई जिलों की टीमें शामिल रहीं। एटीसी मनजीत चीमा, ईटीओ अमन गुप्ता, ईटीओ सौरभ सिंगला, ईटीओ रुद्र मनी शर्मा, ईटीओ डॉ. हरप्रीत सिंह, ईटीओ अरविंद शर्मा, ईटीओ बलदीप कर्ण सिंह, ईटीओ कमलप्रीत सिंह, ईटीओ करणवीर सिंह टीमों को लीड कर रहे थे।
एडिशनल कमिश्नर अहमद परे ने बताया कि जांच में पता चला कि 10 हजार रुपये महीना कमाने वाले एक व्यक्ति के बैंक खाते में 13 करोड़ रुपये का ट्रांजेक्शन हुआ है। इसकी जांच की गई तो परतें खुलने लगीं। एक अकाउंटेंट के घर पर भी दबिश देकर वहां से दस्तावेज बरामद किए हैं। सीपीयू को क्रैक करने की कोशिश विभाग कर रहा है। इससे बड़े खुलासे हो सकते हैं। सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।