ढाकोली इलाके में हुई मुठभेड़ के दौरान की तस्वीर।
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पंजाब के फिल्लौर में पुलिस कांस्टेबल की हत्या के मुख्य आरोपी गैंगस्टर युवराज सिंह उर्फ जोरा को जीरकपुर के ढकोली में शनिवार को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। जोरा के पैर में दो गोलियां लगी हैं। उसे चंडीगढ़ सेक्टर 32 मेडिकल कॉलेज (जीएमसीएच) में दाखिल करवाया गया है। उसकी गोलियां निकाल दी गई हैं। वहीं, मुठभेड़ के दौरान एआईजी संदीप गोयल बाल-बाल बच गए। गैंगस्टर्स की तीन गोलियां उनके बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी।
डीआईजी रोपड़ रेंज गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि पुलिस कांस्टेबल कमल बाजवा की हत्या का जोरा मुख्य आरोपी था। पुलिस की सख्ती के बाद वह ढकोली के होटल आल्प्स में रमजान मलिक की जाली आईडी पर कमरा लेकर छिप गया। डीएसपी जीरकपुर विक्रम बराड़ को सूचना मिली कि जोरा होटल में ठहरा हुआ है।
होटल के बाहर मौजूद पुलिस।
जीरकपुर और एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स ने शाम चार बजे होटल को चारों तरफ से घेर लिया। डीएसपी विक्रम बराड़ और एआईजी संदीप गोयल पुलिस टीम के साथ पहली मंजिल पर गए और जोरा को आत्मसमर्पण करने को कहा, लेकिन जोरा ने फायरिंग शुरू कर दी। तीन गोलियां एआईजी की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी। पुलिस ने फायरिंग की तो दो गोलियां जोरा के पैर पर लगी और वह घायल हो गया। पुलिस ने उसे जीएमसीएच में दाखिल करवाया है।
हत्या के प्रयास का मामला दर्ज है
पुलिस ने बताया कि हलवारा निवासी जोरा पर पहले से ही हत्या के प्रयास का एक मामला दर्ज है। उससे 32 बोर की दो पिस्तौल और दो कारतूस बरामद किए गए हैं।
गाड़ी लूट के भाग रहे थे
बीती आठ जनवरी को चार गैंगस्टरों ने फगवाड़ा के अवतार सिंह की क्रेटा को लूट ली थी। लूट की सूचना मिलते ही फगवाड़ा थाना सिटी एसएचओ के गनमैन कमल बाजवा ने लुटेरों का पीछा किया। गैंगस्टर्स ने उन पर गोलियां चला दी। इससे उनकी मौत हो गई। बाद में पुलिस मुठभेड़ में तीन गैंगस्टर को रणबीर, विष्णु और कुलविंदर सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया था। लेकिन इस बीच युवराज फरार हो गया था। बाद में घायल कुलविंदर सिंह ने अस्पताल में दम तोड़ दिया।