एएसआई बार-बार एसएचओ कर्मजीत सिंह से कह रहा था कि वह पीड़ित पक्ष को उसके सामने पेश कर देगा लेकिन वह किसी से रिश्वत की मांग नहीं करेगा। बावजूद इसके एसएचओ कथित तौर पर एएसआई सतनाम सिंह को अपने कार्यालय में बुलाकर मानसिक तौर पर परेशान कर रहा था। इस संबंध में बीती शाम को एएसआई सतनाम सिंह ने पत्नी गुरदीप कौर और बेटे गुरप्रीत सिंह को भी बताया कि थाना बधनी कलां के एसएचओ कर्मजीत सिंह उस पर 50 हजार की रिश्वत का दवाब बना रहे हैं। इससे आहत होकर सोमवार की सुबह करीब साढे़ सात बजे एएसआई सतनाम सिंह ने सुसाइड नोट लिखा और अपने बेटे गुरप्रीत सिंह को फोन किया।
फोन पर उसने अपने बेटे से कहा कि वह खुद को खत्म करने जा रहा है और इसके जिम्मेदार थाना बधनी कलां के एसएचओ कर्मजीत सिंह हैं। इसके बाद पुलिस चौकी में ही एएसआई सतनाम सिंह ने सर्विस रिवाल्वर से सिर में गोली मार ली। जब उन्हें मोगा के सिविल अस्पताल में दाखिल करवाया तो डॉक्टरों ने मृत बता दिया। वहीं आरोपी एसएचओ कर्मजीत सिंह के खिलाफ हत्या की धारा के तहत केस दर्ज करने की मांग पीड़ित परिवार व रिश्तेदारों ने की और सिविल अस्पताल मोगा का मुख्य गेट बंद कर धरना दिया।
करीब चार घंटे तक चले धरने के बाद आरोपी एसएचओ के खिलाफ खुदकुशी के लिए मजबूर करने की धारा 306 के तहत केस दर्ज होने पर पीड़ित पक्ष ने धरना समाप्त कर दिया। एसपीएच गुरदीप सिंह ने बताया कि एएसआई सतनाम सिंह की पत्नी गुरदीप के बयान पर आरोपी एसएचओ के खिलाफ केस दर्जकर उसकी तलाश शुरू कर दी गई है। एएसआई सतनाम सिंह के तीन बच्चे हैं। उसका एक बेटा ऑस्ट्रेलिया में रहता है, जबकि एक बेटा और एक बेटी यहीं रहते हैं।