हरविंदर सिंह पर करीब 9 से 10 लाख रुपये का सरकारी और गैर-सरकारी कर्ज था। घर की बेहद कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण वह कर्ज चुकाने में पूरी तरह असमर्थ था और इसी वजह से काफी समय से मानसिक तनाव से गुजर रहा था।
सुनाम के गांव छाजली में कर्ज और आर्थिक तंगी से परेशान एक 32 वर्षीय युवा किसान ने फंदा लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। स्थानीय सिविल अस्पताल में शव के पोस्टमार्टम के दौरान छाजली पुलिस थाने के सहायक थानेदार दर्शन सिंह ने बताया कि मृतक की पहचान हरविंदर सिंह (32) पुत्र अमरीक सिंह, निवासी गांव छाजली के रूप में हुई है।
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हरविंदर एक छोटा किसान था, जिसके पास महज एक एकड़ जमीन थी। वह विदेश गए अपने चचेरे भाई की थोड़ी-बहुत जमीन ठेके पर लेकर खेती करता था और अपने परिवार का गुजर-बसर कर रहा था।
पुलिस के अनुसार, हरविंदर सिंह पर करीब 9 से 10 लाख रुपये का सरकारी और गैर-सरकारी कर्ज था। घर की बेहद कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण वह कर्ज चुकाने में पूरी तरह असमर्थ था और इसी वजह से काफी समय से मानसिक तनाव से गुजर रहा था। इसी दिमागी परेशानी के चलते उसने अपने खेत में जाकर ट्यूबवेल वाले कमरे की गाडर से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।
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पुलिस अधिकारी ने बताया कि मृतक की पत्नी करमजीत कौर के बयानों के आधार पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 194 के तहत कानूनी कार्रवाई की गई है। हरविंदर अपने पीछे वृद्ध मां, पत्नी के अलावा 10 साल की बेटी और 7 साल के बेटे को रोता-बिलखता छोड़ गया है।