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पंजाब में सशक्त हो रही महिलाएं: विनिर्माण में बढ़ रही भागेदारी, खुद के व्यवसाय से दूसरों को भी दे रहीं रोजगार

Thu, 22 May 2025 01:45 PM IST
निवेदिता वर्मा राजिंद्र शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

महिलाएं अब घरेलू काम के साथ-साथ व्यापारिक और विनिर्माण गतिविधियों में भी बराबर की भागीदारी बन रही हैं। हालांकि पुरुषों के मुकाबले महिलाओं का प्रतिशत अभी भी कम है, लेकिन इसमें भी पहले से सुधार जरूर हुआ है।
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woman leader - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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पंजाब में विनिर्माण और व्यापार में महिलाओं की भागीदारी तेजी से बढ़ रही है। महिलाएं अब खुद ही काम नहीं कर रही हैं, बल्कि दूसरों को भी रोजगार दे रही हैं।
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वर्ष 2022-23 के अनुसार विनिर्माण प्रतिष्ठानों की 48.41 प्रतिशत महिलाएं मालिक हैं, वहीं 10.49 प्रतिशत महिलाएं व्यापार और 19.42 महिलाएं दूसरे प्रतिष्ठान चला रही हैं। अनिगमित सेक्टर के उद्यमों को लेकर सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की वर्ष 2023-24 की रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है।

महिलाएं अब घरेलू काम के साथ-साथ व्यापारिक और विनिर्माण गतिविधियों में भी बराबर की भागीदारी बन रही हैं। हालांकि पुरुषों के मुकाबले महिलाओं का प्रतिशत अभी भी कम है, लेकिन इसमें भी पहले से सुधार जरूर हुआ है। प्रदेश में चल रहे अगर कुल प्रतिष्ठानों की बात की जाए तो उसमें 73.40% के मालिक पुरुष हैं, जबकि 24% की मालिक महिलाएं हैं। रिपोर्ट के अनुसार महिलाएं ब्यूटी पार्लर, टेलरिंग शॉप, कैटरिंग और टिफिन सर्विस, चूड़ी दुकान, बेकरी, ज्वेलरी शॉप, सिलाई-कढ़ाई सेंटर, ऑनलाइन शिक्षण, गृह सजावट उत्पाद, वेब डिजाइन, कला और हस्तकला जैसे काम कर रही हैं। पिछले कुछ समय से ब्यूटी पार्लर और टेलरिंग शॉप का काम अधिक बढ़ रहा है।

कर्मचारियों के साथ चलने वाले प्रतिष्ठानों का प्रतिशत अधिक  

पंजाब में कर्मचारियों के साथ चलने वाले प्रतिष्ठानों का प्रतिशत अधिक है। अगर पूरे देश के मुकाबले प्रदेश की स्थिति की बात करें तो कर्मचारियों के साथ सूबे में 3.21 प्रतिशत प्रतिष्ठान चल रहे हैं, जबकि स्वयं ही प्रतिष्ठान चलाने वालों का प्रतिशत 2.44 है। इस तरह दोनों के मुकाबले कुछ प्रतिशत की बात की जाए तो यह 2.55% है। सूबे की स्थिति पड़ोसी राज्यों से भी बेहतर है। हरियाणा में कर्मचारियों के साथ सिर्फ 1.75 प्रतिशत प्रतिष्ठान चल रहे हैं, जबकि जम्मू एंड कश्मीर में स्थिति इससे भी खराब है और वहां कुल 0.95% प्रतिष्ठान चल रहे हैं। केंद्र और पंजाब सरकार की तरफ से अनिगमित सेक्टर में विनिर्माण और व्यापार को बढ़ाने के लिए प्रयास भी किया जा रहा है और इसे लेकर समय-समय पर विभिन्न योजनाएं चलाई जाती हैं। इसमें सहायता राशि देने के साथ ही प्रशिक्षण कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाता है।

मजदूरों का प्रतिशत पहले से बढ़ा  

इन प्रतिष्ठानों पर मजदूरों का प्रतिशत भी पहले से बढ़ा है, जो 2.56% से बढ़कर 3.56% हो गया है। शहरी में मजदूरों का प्रतिशत बढ़ा है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में यह कम हुआ है। ग्रामीण क्षेत्रों में यह 1.95% से कम होकर 1.93% हो गया है, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह 3.13% से बढ़कर 3.20% हो गया है। रिपोर्ट के अनुसार 49.20% प्रतिष्ठान एक निश्चित जगह से चल रहे हैं, जबकि बिना निश्चित स्थान के 18.40% प्रतिश्त प्रतिष्ठान चल रहे हैं। इसके अलावा घरों में चलने वाले प्रतिष्ठानों का प्रतिशत भी बढ़ रहा है। 32.40 प्रतिशत लोग घरों से भी प्रतिष्ठान चला रहे हैं। इनमें लोग घरों के अंदर ही काम कर रहे हैं, जबकि ऐसे लोग भी हैं, जिन्होंने घरों के साथ ही दुकान या कार्यालय बना लिया है।
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