फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ये है पंजाब की वेल्डर गर्ल: कनाडा-इंग्लैंड से आ रहे ऑफर, हरपाल कौर के लाखों फॉलोअर्स, कैसे मिला ये नाम?

Sun, 10 Aug 2025 06:37 PM IST
अंकेश ठाकुर अनिल गोयल, संवाद, फगवाड़ा

सार

हरपाल कौर पंजाब की वेल्डर गर्ल बन चुकी है। फगवाड़ा की हरपाल कौर के सोशल मीडिया पर लाखों फॉलोअर्स हैं। इतना ही नहीं वेल्डर गर्ल हरपाल कौर विदेश में भी मशहूर है। 
विज्ञापन
वेल्डर गर्ल हरपाल कौर - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

समाज के लोग जिस काम को पुरुषों का बतलाते थे, अब हर उस काम को महिलाएं बेझिझक कर रही हैं। वही समाज शाबाशी देते हुए तालियां बजा रहा है। आज हम जिस बेटी की बात कर रहे हैं, वह इतनी जुझारू और संघर्षरत है कि उनकी हर कोई तारीफ करने से खुद को रोक नहीं पाता।

विज्ञापन


हम बात कर रहे हैं पंजाब के फगवाड़ा के गांव गुरा की रहने वाली हरपाल कौर जो अब वेल्डर गर्ल नाम से दुनियाभर में मशहूर हो चुकी हैं। हरपाल कौर सोशल मीडिया पर लाखों फॉलोअर्स हैं। इतना ही नहीं हरपाल कौर का अपना यूट्यूब चैनल भी है। हरपाल कौर को देश ही नहीं बल्कि कनाडा और इंग्लैंड तक मशहूर हो चुकी हैं और वहां से उन्हें ऑफर आते हैं।



चलिए आपको बताते हैं हरपाल कौर को वेल्डर गर्ल की यह उपाधि कैसे मिली और इसके पीछे की कहानी क्या है। हरपाल कौर के पिता भगवान सिंह धंजल वेल्डिंग वर्कशॉप चलाते हैं जहां वे वेल्डिंग करके कृषि उपकरण बनाते हैं और मरम्मत के साथ उनसे जुड़े अन्य काम करते हैं।
विज्ञापन

20 साल की उम्र में हो गई थी हरपाल कौर की शादी

गांव में रहने वाली और लड़कियों की तरह ही हरपाल कौर की शादी 20 की उम्र में करा दी गई। हरपाल कौर अपनी तीन बहनों में सबसे बड़ी है। हरपाल की दूसरे नंबर की बहन की शादी हो चुकी है, तीसरे नंबर की बहन पंजाब पुलिस में कार्यरत हैं और सबसे छोटी अभी हरपाल के साथ वेल्डिंग का काम करती हैं। शादी के बाद हरपाल ससुराल गई तब कुछ दिनों तक वहां का माहौल ठीक रहा लेकिन कुछ वर्षों के बाद मामला गड़बड़ाने लगा। ससुराल वालों से मतभेद होने के बाद हरपाल ने वह कदम उठाया जिसे उठाने के बारे में कई महिलाएं सोचती तो हैं पर कर नही पाती। हरपाल ने ससुराल को अलविदा कहकर अपने 9 साल बेटे के साथ मायके आ गई। जब हरपाल अपने पिता के पास रहने आई तब घर में तीन कुंवारी बेटियां पहले से थी। हरपाल के पिता ने उसे अपने तरीके से जीवन जीने की आजादी दी। 

वेल्डिंग करती हरपाल कौर। - फोटो : संवाद

300 रुपये दिहाड़ी में शुरू किया वेल्डिंग का काम

हरपाल ने पति से तलाक लेने के लिए कोर्ट में केस फाइल कर दिया था। अपना व बेटे का खर्च निकालने के लिए काम की तलाश भी शुरू कर दी। पिता से रोज-रोज पैसे मांगना उसे अच्छा नहीं लग रहा था। ऐसे में हरपाल ने जो फैसला लिया वही उसे अन्य महिलाओं से बहुत दूर लाकर खड़ा करता है। हरपाल ने पिता की वेल्डिंग शॉप में काम करने का निर्णय लिया। उसने पिता से कहा कि जो मजदूरी दूसरे को देते हो, वो मुझे दे देना। उसे पिता के दुकान पर काम करने से सिक्योरिटी भी महसूस होने लगी। उसने 300 रुपये रोजाना में वेल्डिंग करना शुरू किया। इस तरह वह पंजाब की पहली वेल्डर गर्ल बन गई। उसके हाथ में सफाई इतनी की लड़के भी मार खा जाए।

काम पर जुटी हरपाल कौर। - फोटो : संवाद

सुबह से शाम तक काम में जुटी रहती है हरपाल

लेकिन यह काम जितना सुनने में आसान लगता है उतना कठिन भी है। हरपाल को देखकर कई लड़कियां वेल्डिंग सीखने के लिए आई लेकिन कठनाइयों का सामना हुआ नहीं कि भाग खड़ी हुईं। वेल्डिंग कार्य में महारत हासिल करने के लिए हरपाल सुबह सबसे पहले काम में लगतीं और दुकान के शटर गिरने तक लगी रहतीं। वेल्डिंग की तेज रोशनी से आंखों से रोज पानी बहता, लोहे उठाने से हथेलियां काली पड़ जाती और असहनीय पीड़ा होती। जूते के अंदर जुराबें गर्म होकर पैरों से ऐसे चिपकती कि निकालना मुश्किल हो जाता। वह एक दिन में दो लोगों जितना काम करके देती, वो भी बेहद सफाई से।

वेल्डर गर्ल हरपाल कौर - फोटो : संवाद

ब्राउन कुड़ी–द वेल्डर गर्ल नाम से यूट्यूब चैनल

धीरे-धीरे हरपाल कौर सोशल मीडिया के जरिये अपने काम को लोगों तक पहुंचने लगी। टिक-टॉक में अपने काम का वीडियो बनाना शुरू किया। टिक टॉक बैन होने के बाद उन्होंने इंस्टाग्राम रील्स का सहारा लिया। इन वीडियो के माध्यम से उन्हें खूब लोकप्रियता मिली। कनाडा और इंग्लैंड से हरपाल को विवाह के लिए रिश्ते आने लगे लेकिन वह अपनी मिट्टी छोड़कर कहीं नही जाना चाहती। हरपाल का एक यूट्यूब चैनल भी है जहां वह व्लॉग्स और अन्य वीडियो पोस्ट करती हैं। ‘ब्राउन कुड़ी–द वेल्डर गर्ल’ नाम के उनके यूट्यूब चैनल पर एक लाख से भी ज्यादा सब्सक्राइबर हैं। उनके वीडियो देखकर दूसरे राज्य के लोग भी कृषि उपकरण बनवाने हरपाल के पास आने लगे हैं। 
विज्ञापन

बेटी की मेहनत, पिता का भी बढ़ा कारोबार

बेटी की मेहनत रंग लाई और पिता के कारोबार ने काफी उन्नति कर ली है। आज हरपाल कौर काम के अलावा अपने बाकी शौक भी पूरी करती हैं। एक दिन मैले-कुचैले कपड़ों में वेल्डिंग करती दिख जाती है तो वहीं अगले दिन बुलेट चलाती खूबसूरत भी दिखती है। समाज की ऐसी ही मेहनतकश महिलाओं की प्रेरणदायक कहानियां ही तो औरों को आगे बढ़ने का और वायु के विपरीत निर्णय लेने का राह प्रशस्त करते हैं।

यह भी पढ़ें: देश के लिए बलिदान: हाथों में चूड़ा...आंखों में आंसू, छह माह पहले हुई थी प्रीतपाल की शादी, पत्नी से किया वादा नहीं हुआ पूरा
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें