मामले की शुरुआत हरियाणा के गुरुग्राम में दर्ज एक एफआईआर से हुई। पुलिस ने इस मामले में अरुण महेंद्रू और अंकित नाम के दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया था। दोनों ने मान से जुड़े विवादित वीडियो के संबंध में ऐसी फोरेंसिक और साइबर विश्लेषण रिपोर्ट तैयार कराने की साजिश रची, जिनमें वीडियो को एआई से तैयार किया गया बताया जाना था।
मुख्यमंत्री भगवंत मान से जुड़े विवादित वायरल वीडियो मामले में लुधियाना के पुलिस कमिश्नर स्वप्न शर्मा सोमवार को चंडीगढ़ के सेक्टर-17 स्थित ईडी के कार्यालय में पेश हुए।
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ईडी की टीम उनसे मामले से जुड़े तथ्यों और कथित फर्जी फोरेंसिक व साइबर विश्लेषण रिपोर्ट तैयार किए जाने के आरोपों के संबंध में पूछताछ कर रही है।
ईडी ने शर्मा को 19 अक्तूबर को पूछताछ के लिए पेश होने का समन जारी किया था। एजेंसी की जांच का एक प्रमुख पहलू कथित तौर पर फर्जी रिपोर्ट तैयार कराने के लिए किए गए भुगतान और उससे जुड़े धन के स्रोत का पता लगाना है। हालांकि, जांच में शर्मा की भूमिका को लेकर लगाए गए आरोप अभी जांच के दायरे में हैं।
गुरुग्राम में दर्ज एफआईआर से जुड़ा है मामला
मामले की शुरुआत हरियाणा के गुरुग्राम में दर्ज एक एफआईआर से हुई। पुलिस ने इस मामले में अरुण महेंद्रू और अंकित नाम के दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया था। आरोप है कि दोनों ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से जुड़े विवादित वीडियो के संबंध में ऐसी फोरेंसिक और साइबर विश्लेषण रिपोर्ट तैयार कराने की साजिश रची, जिनमें वीडियो को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से तैयार किया गया बताया जाना था। जांच के दौरान कथित तौर पर 10 लाख रुपये के भुगतान का मामला भी सामने आया। इसमें 7.5 लाख रुपये एक बैंक खाते और 2.5 लाख रुपये दूसरे खाते में भेजे जाने का आरोप है। ईडी इस मामले में धन के लेन-देन और कथित भुगतान के स्रोत की जांच कर रही है।
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वीडियो की प्रामाणिकता को लेकर हुआ था विवाद
मुख्यमंत्री भगवंत मान से संबंधित एक वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद विवाद खड़ा हो गया था। वीडियो की प्रामाणिकता और उसमें दिखाई देने वाले व्यक्ति की पहचान को लेकर सवाल उठे थे। मुख्यमंत्री ने वीडियो को एआई से तैयार और छेड़छाड़ किया हुआ बताया था। इस मामले में फोरेंसिक रिपोर्टों को लेकर भी विवाद सामने आया।
गुरुग्राम में दर्ज एफआईआर में शिकायतकर्ता ने कथित तौर पर आरोप लगाया था कि वीडियो के संबंध में रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास किया गया। इसी मामले से जुड़े कथित वित्तीय लेन-देन की जांच अब ईडी कर रही है।