शिरोमणि अकाली दल के नेता दलजीत सिंह चीमा मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि ये अघोषित इमरजेंसी है। सरकार की नीतियों का विरोध करने के कारण बदलखोरी का काम आप सरकार कर रही है। इससे पहले भी इस तरह की कार्रवाई की गई थी, लेकिन कुछ नहीं निकला। पूर्व विधायक एनके शर्मा ने भी कार्रवाई का विरोध किया। उन्होंने कहा कि घर पर कोई नहीं थी, लेकिन बावजूद इसके विजिलेंस की टीम अंदर दाखिल हुई।
सुखबीर बादल और हरसिमरत काैर ने जताया विरोध
शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर बादल ने कहा कि अकाली दल बिक्रम मजीठिया के साथ मजबूती से खड़ा है। यह स्पष्ट है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी मजीठिया द्वारा सरकार पर लगाए गए कठोर प्रहार और उसके भ्रष्ट और अनैतिक कृत्यों को उजागर करने से घबरा गए हैं। हम मजीठिया और अन्य अकाली नेताओं द्वारा राज्य एजेंसियों को उनके खिलाफ खुला छोड़ कर लोगों की आवाज दबाने के क्रूर प्रयासों से नहीं डरेंगे। यह पहली बार नहीं है कि अकाली नेतृत्व के खिलाफ राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई की गई है। हम इसका डटकर मुकाबला करेंगे। झूठे मामले दर्ज करना एक आपराधिक कृत्य है। अधिकारियों को पता होना चाहिए कि इस सरकार के कार्यकाल के दौरान किए गए सभी झूठे मामलों और दमन के कृत्यों की जांच निश्चित रूप से उचित समय पर की जाएगी। मैं पुलिस कर्मियों से कानून तोड़ने से बचने का आग्रह करता हूं, क्योंकि सत्ता परिवर्तन में सिर्फ डेढ़ साल बाकी है।
मजीठिया के घर रेड पर उनकी बहन और सांसद हरसिमरत काैर बादल ने आम आदमी पार्टी पर निशाना साधा।