पंजाब में बारिश और बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। हालांकि राहत व बचाव कार्य भी किया जा रहा है। वहीं खडूर साहिब के हरिके पत्तन के गांव बुर्ज देवा सिंह में बारिश के पानी से भरे टीलों में गिरने से दो मासूमों की मौत हो गई। दोनों बच्चे मजदूर परिवार के थे। इस हादसे से इलाके में मातम का माहौल है। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। मरने वाले दोनों मासूम पास के गांव बुर्ज पूहला के रहने वाले थे। मासूमों की पहचान प्रभजीत सिंह उर्फ प्रभ (11) पुत्र गुरप्रीत सिंह और प्रिंसदीप सिंह उर्फ प्रिंस (9) पुत्र निशान सिंह के रूप में हुई है।
पट्टी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत गांव बुर्ज देवा सिंह का एक किसान गांव में एक धार्मिक संस्था से जुड़े घोड़ों को लाया था। उक्त किसान एक धार्मिक डेरे से जुड़ा हुआ है। किसान ने गांव के छोटे बच्चों से कहा कि वे इन घोड़ों को खेतों में ले जाकर चारा खिलाएं और फिर वापस आ जाएं। गांव के करीब आधा दर्जन बच्चे करीब 30 घोड़े चराने के लिए खेतों में गए थे। जहां ईंट भट्ठा मालिक ने अपनी सुविधा लिए खेतों में छह से सात फीट गहरे टीले खुदवाए हैं। उनमें बारिश का पानी भरा हुआ था। दोनों मासूम इन टीलों में गिर गए। मौके पर मौजूद अन्य बच्चों ने शोर मचाया तो ग्रामीणों ने दोनों को बाहर निकाला। तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी।
बच्चा प्रभ एक निजी स्कूल में 7वीं कक्षा का छात्र था जबकि प्रिंस गांव के सरकारी स्कूल में 5वीं कक्षा में पढ़ता था। प्रभदीप सिंह के पिता गुरप्रीत सिंह की कुछ समय पहले मौत हो गई थी। बेटे की मौत के बाद उसकी मां संदीप कौर का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के सरपंच सतनाम सिंह, जसवंत सिंह, रेशम सिंह, जसबीर सिंह, बीरा सिंह, गुरबचन सिंह ने कहा कि यह हादसा बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने हादसे की उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए और मृतक मासूम बच्चों के परिजनों को उचित मुआवजे की मांग भी की है।