पंजाब के फिरोजपुर के सीमावर्ती गांव किलचे के तीन लोग आखिरकार अपने घर लौट आए। वर्ष 2023 में सतलुज दरिया में आई भीषण बाढ़ के दौरान बहकर पाकिस्तान पहुंचे इन युवकों की वापसी से गांव और परिजनों में खुशी का माहौल है।
पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान के साथ हमारे सभी तरह से संबंध खत्म हो चुके हैं। इसी बीच पाकिस्तान ने पांच दिन पहले सात भारतीय नागरिकों को जेल से रिहा कर वापस भेजा है। पाकिस्तान की जेल में सजा काटने के बाद पंजाब के फिरोजपुर के तीन लोग भी वतन लौट आए हैं।
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पंजाब के फिरोजपुर के सीमावर्ती गांव किलचे के तीन लोग आखिरकार अपने घर लौट आए। वर्ष 2023 में सतलुज दरिया में आई भीषण बाढ़ के दौरान बहकर पाकिस्तान पहुंचे इन युवकों की वापसी से गांव और परिजनों में खुशी का माहौल है।
गुरमेज सिंह और जोगिंदर सिंह ने बताया कि 2023 में सतलुज में आई बाढ़ के दौरान सीमावर्ती इलाके जलमग्न हो गए थे। उनके खेत में ट्रैक्टर खड़ा था, जिसे निकालने के लिए वे गए थे लेकिन पानी के तेज बहाव में बह गए। किसी तरह सुरक्षित स्थान पर पहुंचे तो उन्हें पाकिस्तानी रेंजर्स ने पकड़ लिया तब उन्हें पता चला कि वे पाकिस्तान की सीमा में पहुंच चुके हैं।
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पाकिस्तानी रेंजर्स ने पहले उन्हें करीब 28 दिन अपने पास रखा और बाद में पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस रिमांड के बाद कसूर की अदालत ने उन्हें एक साल की सजा और 10 हजार रुपये जुर्माना सुनाया। जुर्माना न भर पाने के कारण एक माह की अतिरिक्त सजा भी काटनी पड़ी। उन्होंने बताया कि उनके साथ बहने वाला तीसरा व्यक्ति विंध्य भी अब सुरक्षित लौट आया है।
गुरमेज ने बताया कि जेल में उनके साथ सामान्य कैदियों जैसा ही व्यवहार किया गया और भोजन भी सभी को एक जैसा मिलता था। जोगिंदर ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के कारण उनकी रिहाई में देरी हुई। दोनों ने कहा कि घर लौटकर बेहद सुकून मिला है और अब परिवार के सभी सदस्य खुश हैं।