बठिंडा ने स्वच्छ सर्वेक्षण रैंकिंग में राज्य भर में पांच बार सबसे स्वच्छ शहरों की सूची में अपना नाम दर्ज कराया है। शहर लगातार स्वच्छता रैंकिंग में सुधार कर रहा है और कचरे के निपटारे में भी बेहतर काम कर रहा है।
वर्ष 2023 की रैंकिंग में बठिंडा 66.44 प्रतिशत कचरे की प्रोसेसिंग कर रहा है और वर्ष 2024-25 की रैंकिंग में इसमें सुधार करते हुए शहर अब 99 प्रतिशत प्रोसेसिंग कर रहा है।
स्वच्छता सर्वेक्षण 2021 में बठिंडा शहर ने 1 से 10 लाख की आबादी वाली श्रेणी में 3वां स्थान हासिल किया था, जबकि 2020 में यह पंजाब में पहले स्थान पर रहा था। 2020 में बठिंडा को 79वीं अखिल भारतीय रैंकिंग मिली थी। वहीं 2018 में बठिंडा को पंजाब में नंबर 1 और पूरे देश में 104वां स्थान मिला था।
इसी तरह वर्ष 2023 रैंकिंग में भी शहर ने अच्छा प्रदर्शन किया था। इस तरह फिलहाल बठिंडा 5 बार राज्य स्तर पर पंजाब का सबसे स्वच्छ शहरों की सूची में नाम दर्ज करवाने शहर बन गया है। बठिंडा ने यह उपलब्धि घर-घर जाकर कचरे जुटाने, कचरे की छटाई, प्रोसेसिंग में बेहतर प्रदर्शन करके किया है।
शहर ने रिहायशी इलाकों की साफ-सफाई में 100 प्रतिशत, बाजारों में सफाई के मामले में 100 फीसदी व वाटर बॉडी की सफाई में भी शत-प्रतिशत अंक प्रदान किए हैं। डंप से कूड़ा उठाने में भी शत प्रतिशत अंक मिले जबकि पब्लिक टायलेट की साफ सफाई में 67 फीसदी अंक हासिल कर सका है। सार्वजनिक शौचालयों की देखभाल व सफाई में कमी के चलते बठिंडा ऑल इंडिया रैंकिंग में पिछड़ा है।
स्वच्छता सर्वेक्षण में दिड़बा नगर पंचायत पंजाब में 8वें स्थान पर
दिड़बा की नगर पंचायत को पंजाब में 8वां रैंक मिला है जबकि संगरूर शहर को स्टेट वाइज 140वां रैंक और राष्ट्रीय 620वां रैंक मिला है। नगर पंचायत दिड़बा के कार्यसाधक अधिकारी चंद्र प्रकाश वधवा और नगर पंचायत अध्यक्ष मनिंदर सिंह ने कहा कि वित मंत्री हरपाल सिंह चीमा के नेतृत्व में दिड़बा शहर में विकास तेजी से हो रहा है। केंद्र सरकार की तरफ से करवाए सर्वेक्षण में दिड़बा नगर पंचायत को पूरे राज्य में 8वां स्थान मिलना गर्व की बात है। सफाई पक्ष से दिड़बा पूरी तरह से साफ है, क्योंकि नगर पंचायत के मुलाजिम समय-समय पर सफाई का काम करते हैं।
नगर निगम फगवाड़ा को स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 में वाटर प्रमाणन से किया सम्मानित
नगर निगम फगवाड़ा को वाटर+ प्रमाणन से सम्मानित किया गया है। स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 के खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) कैटेगरी में यह सम्मान हासिल किया है। नगर निगम फगवाड़ा की कमिश्नर डॉ. अक्षिता गुप्ता (आईएएस) कहा कि वाटर+ प्रमाणन शहर की वैज्ञानिक रूप से गंदे पानी के उपचार, जैव विविधता को प्रोत्साहित करने और स्वच्छता प्रयासों में सक्रिय नागरिक भागीदारी के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाता है। शहर ने सीवरेज के पानी के 100% उपचार और पुनः उपयोग को सफलतापूर्वक सुनिश्चित किया है, जिसमें गंदे पानी को पर्यावरण में छोड़ा नहीं गया है। इस वर्ष नगर निगम फगवाड़ा के प्रदर्शन में राष्ट्रीय स्तर पर शानदार बढ़ोतरी हुई है। शहर की राष्ट्रीय रैंक पिछले वर्ष 1854 से बढ़कर इस वर्ष 531 हो गई है, जिससे रैंकिंग स्थिति में 249.34% की वृद्धि हुई है।