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'झूठ बार-बार कहने से सच नहीं बन जाता': जाखड़ बोले- 60 हजार करोड़ का मुद्दा जीएसटी काउंसिल में क्यों नहीं उठाया

Wed, 10 Sep 2025 06:37 PM IST
अंकेश ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़। - फोटो : अमर उजाला
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पंजाब भारतीय जनता पार्टी (भापजा) के प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने कहा कि एक झूठ बार-बार कहने से वह सच नहीं बन जाता। उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा केंद्र पर 60 हजार करोड़ रुपये बकाया होने के दावे का कोई आधार नहीं है। ऐसा था तो राज्य के वित्त मंत्री ने 3 सितंबर को हुई जीएसटी काउंसिल की बैठक में यह मुद्दा क्यों नहीं उठाया।

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चंडीगढ़ में प्रेसवार्ता के दौरान जाखड़ ने कहा कि यह सरकार केंद्र से सहायता लेने के लिए तर्कहीन आंकड़े पेश कर रही है, जिसका खामियाजा पंजाब के लोग भुगत रहे हैं। बावजूद इसके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य के लिए 1600 करोड़ रुपये की तत्काल राहत दी है और यह भी कहा है कि अन्य प्रस्ताव आने पर उनके लिए भी सहायता की जाएगी।

उन्होंने बताया कि आप सरकार के मुख्य सचिव प्रधानमंत्री के सामने नुकसान को 13,289 करोड़ बता रहे थे जबकि सरकार के मंत्री हरदीप सिंह मुंडी ने इसे 20 हजार करोड़ बताया। मनमाने आंकड़े पेश कर आप सरकार ने अपना गैर-जिम्मेदाराना रवैया दिखाया है।
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उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने ग्रामीण विकास के लिए 5,043 करोड़ रुपये की मांग की जबकि इस सरकार ने वर्ष 2022-23 में पंजाब के 13,500 गांवों में केवल 1,156 करोड़ और 2023-24 में 778 करोड़ रुपये ही ग्रामीण विकास पर खर्च किए। इसी तरह, इस सरकार ने पिछले साढ़े तीन साल में मंडी बोर्ड के माध्यम से सड़कों पर केवल 500 करोड़ रुपये खर्च किए लेकिन अब बाढ़ प्रभावित गांवों की सड़कों के लिए पंजाब सरकार 1,022 करोड़ रुपये मांग रही है। राज्य सरकार के पास पहले से ही एसडीआरएफ में 12,000 करोड़ रुपये पड़े हैं लेकिन इसे अनावश्यक कार्यों में खर्च किया जा रहा है। सीएम को यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि सरकार 20 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा कहां से देंगी।

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पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग। - फोटो : अमर उजाला
केंद्र और राज्य सरकारों ने पंजाब को निराश किया: वड़िंग
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कहा है कि केंद्र और राज्य दोनों सरकारों ने पंजाब के लोगों को इस भयानक प्राकृतिक आपदा के दौरान बुरी तरह निराश किया है। जिससे हजारों करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।

पंजाब कांग्रेस भवन में प्रेसवार्ता के दौरान वड़िंग ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा घोषित 1600 करोड़ रुपये का बाढ़ राहत पैकेज राज्य में हुए भारी नुकसान की तुलना में बहुत कम है। पंजाब सरकार के पास आपदा कोष में फंड नहीं बचा है, क्योंकि इसका इस्तेमाल किसी अन्य कार्यों में किया जा चुका है। वड़िंग ने आरोप लगाते हुए कहा कि भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड ने पानी तब छोड़ा जब जलस्तर 1678 फीट तक पहुंच गया था। अगर पिछले इतिहास और मौसम पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए बांध में पानी को ठीक से नियंत्रित किया गया होता, तो पंजाब में नुकसान लगभग 25 प्रतिशत होता।

मान्य वर्षा के लगभग 105 प्रतिशत के पूर्वानुमान को देखते हुए, बांध में पानी को धीरे-धीरे और चरणबद्ध तरीके से बहुत पहले छोड़ा जा सकता था। कांग्रेस ने ब्लॉक स्तर तक अलग-अलग क्षेत्रों के लिए टीमें बनाई हैं, जो गेहूं की आखिरी बुवाई तक मैदान पर किसानों के साथ रहेंगी। मिट्टी की नमी के कारण गेहूं की बुवाई में कुछ समस्याएं आ सकती हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस किसानों की हर संभव मदद करने की कोशिश करेगी। इस दौरान कांग्रेसी नेता डॉ. अमर सिंह, सुख सरकारिया, तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा, गुरकीरत कोटली और कैप्टन संदीप संधू भी मौजूद रहे।
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