सुखदेव ढींडसा को वर्ष 2019 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। हालांकि, उन्होंने दिसंबर 2020 में किसान आंदोलन के दौरान यह सम्मान लौटा दिया था। वह 2000 से 2004 तक वाजपेयी सरकार में केंद्रीय खेल और रसायन एवं उर्वरक मंत्री रहे।
शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के वरिष्ठ नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री सुखदेव सिंह ढींडसा का बुधवार को 89 साल की उम्र में निधन हो गया था। गुरुवार को उनका पार्थिव शरीर चंडीगढ़ स्थित निवास पर लाया गया। उनके अंतिम दर्शनों के लिए गण्यमान्य व्यक्ति पहुंच रहे हैं। पूर्व कैबिनेट मंत्री मनप्रीत बादल, कुलवीर सिंह जीरा और बीबी जागीर कौर ने उनके अंतिम दर्शन किए। ढींडसा का अंतिम संस्कार 30 मई को किया जाएगा।
शिअद बागी गुट के नेता सुरजीत सिंह रखडा ने कहा कि जितनी सियासत में ढींडसा का रोल था, उतना किसी का नहीं है। वे केंद्रीय स्तर पर सक्रिय रहे हैं। उन्होंने पंथक एकता के लिए प्रयास किया। वे पहले नेता थे जिन्होंने कहा था कि सुखबीर प्रधानी छोड़ दें। वहीं बीबी जागीर कौर ने कहा कि हमने ढींडसा के साथ संघर्ष किए हुए हैं। वे अकाली दल की राजनीति के स्तंभ थे। वे शिरोमणि अकाली दल को मजबूत करना चाहते थे।