नगर निगम चंडीगढ़ के सैनिटरी इंस्पेक्टर शक्ति शर्मा को 14 लाख रुपये की रिश्वत मांगने के मामले में सीबीआई ने अदालत में पेश किया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। सीबीआई ने शक्ति के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा सात के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपी पर नगर निगम के ठेकेदार से उसके बिलों के भुगतान और आगामी बिलों की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप है।
सीबीआई के अनुसार, मामले की शिकायत पांच अक्तूबर को सेक्टर-50 निवासी प्रशांत भदौरिया ने की थी। वह पीपल कनेक्ट सर्विसेज नाम से फर्म चलाते हैं, जो नगर निगम के लिए जनशक्ति, जेसीबी और टिप्पर जैसी सेवाएं उपलब्ध कराती है। फर्म को मार्च 2026 में चंडीगढ़ की विभिन्न लैंडफिलिंग साइट पर अर्थमूवर सेवाएं उपलब्ध कराने का तीन साल का ठेका मिला था। फर्म के हर महीने करीब 10 लाख रुपये के बिल बनते थे।
जुलाई 2025 से रिश्वत मांगने का आरोप
शिकायतकर्ता का आरोप है कि सैनिटरी इंस्पेक्टर शक्ति जुलाई 2025 से लगातार रिश्वत की मांग कर रहा था। सितंबर 2026 में लंबित भुगतान और जेसीबी-टिप्पर की उपस्थिति संबंधी विवरण के सिलसिले में मुलाकात के दौरान शक्ति ने कथित तौर पर जुलाई 2025 से जुलाई 2026 तक हर महीने एक लाख रुपये के हिसाब से 14 लाख रुपये मांगे।