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पंजाब में रेल रोको आंदोलन: पुलिस की सख्ती के बीच रेल ट्रैकों तक पहुंचे किसान, छाजली में हिरासत में लिए गए

Fri, 05 Dec 2025 02:53 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

अमृतसर में ट्रेनें रोकने जाते किसानों को पुलिस ने रोक दिया। इसके बाद किसानों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की।  
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सुनाम में रेल ट्रैक पर डटे किसान। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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पंजाब में आज किसानों ने रेलों का चक्का जाम करने का एलान किया था। इसके बाद हरकत में आई पुलिस ने किसानों को हिरासत में लेना शुरू कर दिया। वहीं रेलवे भी अलर्ट हो गया। 
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फिरोजपुर में पुलिस ने किसानों को ट्रेन रोकने नहीं दी। आरपीएफ और पुलिस ने स्टेशन के मुख्य गेट पर बैरिकेड लगाकर किसानों को स्टेशन में प्रवेश नहीं करने दिया। इसके अलावा बस्ती टैंका वाली के नजदीक किसानों को ट्रैक पर भी नहीं बैठने दिया गया। वहां पर पुलिस काफी तादाद में मौजूद थी।

किसान पुलिस को चकमा देकर बस्ती टैंका वाली की तरफ से गुजरते रेल ट्रैक पर पहुंच गए और सैकड़ों की संख्या में किसानों ने धरना दिया। वहां पर आरपीएफ और पंजाब पुलिस भी माैजूद है। एक ट्रेन वहां से गुजर रही थी तो पुलिस ने किसानों को दूसरे ट्रैक पर रोके रखा और ट्रेन को फिरोजपुर छावनी रेलवे स्टेशन की तरफ से गुजारा। किसानों का कहना है कि यह धरना 2 घंटे का था। लेकिन यदि उनकी मांग न मानी गई तो वह इसके बाद भी धरना लगातार भी जारी रखेंगे।
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वहीं मोगा में भी रेलवे स्टेशन पर प्रदर्शन करने पहुंचे किसानों को पुलिस ने धरना शुरू होने से पहले ही हिरासत में ले लिया। मोगा के रेलवे स्टेशन के आस पास में भारी पुलिस फोर्स तैनात किया गया और सारे रास्ते को बैरिकेडिंग करके बंद करवा दिया गया। 



अमृतसर में ट्रेनें रोकने जाते किसानों को पुलिस ने रोक दिया। इसके बाद किसानों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की।  

संगरूर में पुलिस को चकमा देकर रेल ट्रैक पर बैठे किसान

किसानों के प्रस्तावित रेल रोको आंदोलन को नाकाम करने के लिए पुलिस प्रशासन ने गुरुवार सुबह से ही मोर्चा कस लिया। अलग-अलग गांवों में दबिश देकर किसान नेताओं को हिरासत में लेने की कार्रवाई जारी रही। जगह-जगह नाकाबंदी कर किसानों को सुनाम रेलवे स्टेशन तक पहुंचने से रोकने की कोशिश की गई। इसके बावजूद भारतीय किसान यूनियन एकता आजाद के सैकड़ों सदस्य पुलिस घेराबंदी को चकमा देते हुए छाजली रेलवे स्टेशन पहुंच गए। सुनाम स्टेशन पर धरने की पूर्व घोषणा थी, लेकिन पुलिस दबाव के चलते किसानों ने छाजली में ही रेलवे ट्रैक पर बैठकर जोरदार प्रदर्शन किया।

सूत्रों के अनुसार कई मिनट तक ट्रैक अवरुद्ध रहा। इसी दौरान पुलिस ने अचानक कार्रवाई करते हुए प्रदर्शनकारियों को चारों तरफ से घेरकर हिरासत में ले लिया। हिरासत में गए किसानों ने पुलिस वाहनों में बैठाए जाने तक नारेबाज़ी जारी रखी।

जिला महासचिव जसवीर सिंह मेदेवास ने मोबाइल पर बताया कि पुलिस ने हर रास्ता बंद किया, लेकिन किसान हर हाल में ट्रैक पर पहुंचे। यह आंदोलन दमन के बावजूद जारी रहेगा। आंदोलन में छाजली, मेदेवास, गुजरां, बिगड़वाल, भुटाल कलां, तोलावाल, फफडे समेत कई गांवों के किसान शामिल हुए।

हिरासत में लिए प्रमुख नेताओं में जगदेव शर्मा, कुलविंदर धूरी, मक्खन पापड़ा, नायब सिंह गुजरां, हरभगवान सिंह समेत अनेक किसान नेताओं के नाम सामने आए हैं। प्रशासन हालात पर कड़ी नजर बनाए हुए है। जबकि किसान नेताओं ने साफ कहा कि हिरासतें आंदोलन की आग को और तेज करेंगी।
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किसानों के रेल रोको आंदोलन के चलते जालंधर के कैंट रेलवे स्टेशन पर भारी पुलिस फोर्स की तैनात कर दी गईं थी। किसानों ने स्टेशन के अंदर जाकर धरना लगाने का ऐलान कर दिया था। इस ऐलान के बाद पुलिस ने स्टेशन की तरफ जाने वाले जाने वाले सभी एंट्री गेट पर बैरिकेडिंग कर दी। इसके बाद धरना देने के लिए कैंट रेलवे स्टेशन पर पहुंचे किसान नेता मनजीत राय और उनके साथियों को पुलिस ने डिटेन कर लिया. इस दौरान भारी हंगामा भी देखने को मिला। 

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