विपक्ष हमलावर
कांग्रेस नेता सुखपाल खैरा ने लालजीत भुल्लर के खिलाफ तुरंत आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग की है। खैरा ने कहा कि भुल्लर पर पर वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के डीएम गगनदीप रंधावा को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप है, जिसके चलते रंधावा ने आत्महत्या कर ली। एक्स पर उन्होंने लिखा कि
पहले मंत्री और उनके आदमियों ने रंधावा के साथ मारपीट की, और बाद में आत्महत्या करने से पहले रंधावा ने मंत्री का नाम लिया। मैं सरकार और पुलिस से आग्रह करता हूं कि इस मंत्री को तुरंत गिरफ्तार किया जाए। अगर ऐसा नहीं होता, तो यह माना जाएगा कि पुलिस का इस्तेमाल केवल विपक्ष के साथ निजी हिसाब-किताब चुकाने के लिए किया जा रहा है।
मामले में अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने सोशल मीडिया पर सरकार को घेरा।
वहीं भाजपा नेता सुनील जाखड़ ने कहा कि पहले लोग फिरौती न मिलने की वजह से अपनी जान गंवा रहे थे, लेकिन अब सरकारी मंत्रियों की रिश्वत की मांग पूरी न कर पाने की वजह से अधिकारियों को अपनी जान देनी पड़ रही है। पंजाब एक क्रूर ईमानदार सरकार के राज में अपने सबसे मुश्किल समय से गुज़र रहा है। क्या मुख्यमंत्री अब भी अपनी सरकार को क्रूर ईमानदार लोगों की सरकार कह रहे हैं?
वहीं भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने कहा कि अमृतसर में वेयरहाउस कॉर्पोरेशन के डिस्ट्रिक्ट मैनेजर गगनदीप सिंह रंधावा की आत्महत्या बहुत दर्दनाक है और सत्ता में बैठे लोगों के काम करने के तरीके पर गंभीर सवाल उठाती है।
उन्हें इस ईमानदारी की सजा टॉर्चर के रूप में दी गई। उन्हें मंत्री के घर बुलाया गया, पीटा गया और जबरदस्ती 10 लाख रुपये की रिश्वत लेने की बात कबूल करवाने की कोशिश की गई। ये हालात दिखाते हैं कि लालजीत सिंह भुल्लर जैसे मंत्री कैसे अधिकारियों को बुलाकर उन पर गैर-कानूनी कमीशन के लिए दबाव डालते हैं।
आप सरकार में भ्रष्टाचार आज अपने चरम पर है। अब जब आम आदमी पार्टी को पता चल गया है कि पंजाब के लोग अगले साल उन्हें सत्ता से बाहर कर देंगे, तो ये लोग पंजाब को लूट रहे हैं और ईमानदार अधिकारियों की बलि ले रहे हैं।
हम गगनदीप सिंह की आत्महत्या की तुरंत और हाई-लेवल जांच की मांग करते हैं। दोषियों को हर कीमत पर ज़िम्मेदार ठहराया जाना चाहिए।