पंजाब और हरियाणा के बीच चल रहे पानी विवाद के बीच बीबीएमबी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। बांध पर पंजाब पुलिस की मौजूदगी के खिलाफ भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड की याचिका पर पंजाब सरकार ने सोमवार को कहा कि हरियाणा ने पानी का प्रबंधन ढंग से नहीं किया है। हरियाणा को 1700 क्यूसिक पीने के पानी की जरूरत है, हमने मानवता के आधार पर 4000 क्यूसिक पानी पर अनापत्ति दे दी लेकिन 8500 क्यूसिक की मांग बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है।
सुनवाई के दौरान बोर्ड ने कहा कि हमने 8500 क्यूसिक पानी देने का निर्णय लिया है और अगर इससे किसी को आपत्ति है तो नियमों में अपील का प्रावधान है। राज्य सरकार के पास केंद्र सरकार के पास जाने का विकल्प मौजूद है। पंजाब सरकार ने केंद्र सरकार के पास जाने की बजाय डैम पर पुलिस फोर्स तैनात कर दी। बोर्ड ने हाईकोर्ट को बताया कि जब सरकार को यह पता चला कि इस निर्णय के खिलाफ बोर्ड हाईकोर्ट पहुंच गया है तो पंजाब सरकार ने बोर्ड को ईमेल किया कि भारत और पाकिस्तान के बीच सरहद पर तनाव के चलते पुलिस फोर्स तैनात की गई है। बोर्ड ने कहा कि हमें सुरक्षा से आपत्ति नहीं लेकिन इसकी आड़ में कामकाज प्रभावित होना ठीक नहीं।
बोर्ड ने बताया कि बांध पर सुरक्षा कारणों से लोगों के फोटो खींचने पर प्रतिबंध है, पंजाब पुलिस के जवान वहां पर फोटो व लाइव इंटरनेट मीडिया पर शेयर कर रहे है जो बांध की सुरक्षा के लिए खतरा है। बोर्ड ने हाईकोर्ट से अपील की कि सुरक्षा का जिम्मा केंद्र सरकार को सौंप जाना चाहिए।
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पंजाब सरकार ने कहा कि भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड को अधिकार नहीं है कि क्षमता से अधिक पानी दे। सरकार ने कहा कि हरियाणा को पानी की जरूरत पीने के लिए जरूरत नहीं है सिंचाई के लिए है। बोर्ड मनमाने तरीके से बार-बार मीटिंग बुला रहा है जबकि इसके लिए 15 दिन का नोटिस देना जरूरी है इमरजेंसी में 7 दिन का नोटिस जरूरी है। हरियाणा सरकार ने कहा कि वर्तमान में हरियाणा में जल संकट है, यमुना कैनाल वॉटर वर्क में रिपेयर का काम चल रहा है और इसलिए वहां से पानी नहीं मिल पा रहा है। काम पूरा होने के बाद हरियाणा को बीबीएमबी से पानी की जरूरत नहीं पड़ेगी।
बोर्ड ने कहा कि पंजाब सरकार का यह कदम बोर्ड के वैधानिक कार्यों में सीधे हस्तक्षेप है, राज्य का यह कदम स्वयं अराजकता और कानून हीनता को बढ़ावा देगा। बोर्ड ने पंजाब सरकार को निर्देश देने की मांग की है कि वह बिना किसी कानूनी अधिकार के तैनात पुलिस बल को तुरंत हटाए, जो नंगल बांध और लोहंड नियंत्रण कक्ष जल विनियमन कार्यालयों के संचालन और नियंत्रण को बलपूर्वक अपने कब्जे में लेने के लिए तैनात किया गया है। इसी बीच हरियाणा के फतेहाबाद जिले के मताना गांव की पंचायत ने भी हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। पंचायत ने हरियाणा के हिस्से का पानी तुरंत छोड़े जाने की मांग की है, ताकि किसानों और ग्रामीणों को राहत मिल सके।