पंजाब में इलेक्ट्रिक वाहनों (ई-वाहनों) की बिक्री में इस साल 14% का इजाफा हुआ है। वर्ष 2024 में 20,894 ई-वाहन पंजीकृत हुए थे, वहीं 2025 में यह संख्या बढ़कर 23,899 तक पहुंच गई है। इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती बिक्री से यह साफ हो रहा है कि पंजाब के लोग अब पर्यावरण मित्र और टिकाऊ परिवहन की ओर तेजी से रुख कर रहे हैं।
केंद्र के सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा लोकसभा में पेश की गई रिपोर्ट के अनुसार, पंजाब ने अपने पड़ोसी राज्यों हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के मुकाबले इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। इस साल पंजाब में 21,229 दोपहिया और 2,670 चारपहिया ई-वाहन पंजीकृत हुए हैं, जो पिछले साल के मुकाबले काफी अधिक हैं।
पंजाब सरकार की इलेक्ट्रिक नीति 2023 का असर साफ नजर आ रहा है, जिसमें ई-वाहनों को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं बनाई गई थीं। राज्य सरकार ने प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए ई-वाहनों को बढ़ावा देने पर जोर दिया है। इस नीति के तहत जालंधर, लुधियाना, अमृतसर और पटियाला में ई-बसों की शुरुआत की जा रही है।
2023 में जारी की थी इलेक्ट्रिक पॉलिसी
राज्य सरकार ने फरवरी 2023 में इलेक्ट्रिक पॉलिसी जारी की थी, जिसमें ई-वाहनों के लिए 50 करोड़ रुपये से अधिक के इन्सेंटिव की घोषणा की गई थी। साथ ही, चार्जिंग स्टेशन और इन्फ्रास्ट्रक्चर की स्थापना को बढ़ावा देने के लिए भी कदम उठाए गए हैं। इस नीति का उद्देश्य न केवल ई-वाहनों की बिक्री बढ़ाना है, बल्कि परिवहन विभाग के माध्यम से इसे लगातार अपडेट कर, इसके इस्तेमाल को और भी बढ़ावा देना है।
पड़ोसी राज्यों में भी बढ़ती लोकप्रियता
हालांकि पंजाब में इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रति रुचि अन्य राज्यों के मुकाबले अधिक है, लेकिन पड़ोसी राज्यों में भी यह ट्रेंड बढ़ा है। हरियाणा में 2025 में 17,043 ई-वाहन पंजीकृत हुए हैं, जबकि हिमाचल प्रदेश में 1,542 और जम्मू और कश्मीर में 2,649 ई-वाहन पंजीकृत हुए हैं।
पिछले छह साल में इलेक्ट्रिक वाहनों का पंजीकरण
वर्ष दोपहिया ई-वाहन चारपहिया ई-वाहन
2020 128 11
2021 3,237 41
2022 7,571 46
2023 8,621 799
2024 19,425 1,469
2025 21,229 2,670
50 करोड़ रुपये के इन्सेंटिव की योजना
फरवरी 2023 में राज्य सरकार द्वारा जारी की गई इलेक्ट्रिक पॉलिसी के तहत, ई-वाहन निर्माता कंपनियों को आकर्षित करने के लिए 50 करोड़ रुपये के इन्सेंटिव की योजना बनाई गई। इसके अतिरिक्त, तीन पहिया और ई-साइकिल के लिए भी अलग-अलग इन्सेंटिव की घोषणा की गई। पंजाब में इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती संख्या न केवल राज्य सरकार के प्रयासों को दिखाती है, बल्कि यह राज्य में प्रदूषण को नियंत्रित करने और पर्यावरण को बचाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम भी है।