इन वजहों से आत्महत्या की ओर बढ़ता है इंसान
सलाहकार मनोवैज्ञानिक डॉ. कुलदीप सिंह बताते हैं कि कई वजह होती हैं जो किसी व्यक्ति को आत्महत्या के लिए सोचने पर विवश कर देती हैं लेकिन यह बेहद अनुचित कदम है। डॉ. सिंह के अनुसार कई तरह के विवाद और अवसाद इस तरह जीवन में हावी हो जाते हैं कि उन्हें लगने लगता है कि भविष्य के प्रति आशा समाप्त हो जाती है। कर्मचारियों को मानसिक रूप से जागरूक व मजबूत करते रहना चाहिए। जब कोई वरिष्ठ अधिकारी आत्महत्या करता है तो यह केवल एक व्यक्तिगत निर्णय नहीं होता, बल्कि उसके जीवन की गहराई में छिपे संघर्षों की कहानी होती है। वह लंबे समय से मानसिक दबाव में हो सकता है। उसे भावनात्मक समर्थन की कमी महसूस होने लगती है। आत्मसम्मान को ठेस पहुंचने से वह भीतर से टूट जाता है। निर्णय लेने की क्षमता पर धुंध छाने लगती है और वह खुद को निरर्थक महसूस करने लगता है। ऐसे में उसे जीवन की खुशियां भी अर्थहीन लगने लगती हैं। वह सोचता है कि शायद अब कोई रास्ता नहीं बचा। परिवार या समाज से दूरी बढ़ जाती है और वह अंदरूनी दर्द व्यक्त नहीं कर पाता। इन्हीं क्षणों में नकारात्मक विचार हावी हो जाते हैं और आत्महत्या ही उसे समस्या का समाधान लगने लगती है।
आत्महत्या केस ने झकझोरा
पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि आईपीएस वाई पूरण कुमार आत्महत्या मामले ने झकझोर कर रख दिया है। वे बेहद अवसाद में थे। यह घटना बताती है कि मानसिक स्वास्थ्य कितना जरूरी है। हमने इससे संबंधित एक विशेष पॉलिसी लागू की है। पुलिस महकमे समेत अन्य विभाग के कर्मचारियों की भी मेंटल काउंसलिंग पर फोकस और बढ़ाया जाएगा। जवान और अफसर बिना तनाव के काम करें, इसे लेकर बहुत संजीदा हैं।
अफसरों में विवाद होता है पर मैं समझा देता हूं : मान
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने माना कि पंजाब में भी अफसरों के बीच आपसी विवाद चलता रहता है। वे पौने चार साल में पंजाब के मुख्यमंत्री हैं। मेरे अफसरों में भी कई बार थोड़ा-बहुत विवाद हो जाता है। कोई बात नहीं यह मानवीय व्यवहार का ही हिस्सा है। मैं तो उन्हें बैठाकर उनसे बात कर लेता हूं कि क्यों लड़ते हो। उन्हें बताता हूं कि आप लोग यूपीएससी क्लीयर करके लोगों की सेवा करने आए हैं, आपस में विवाद करने नहीं।