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पंजाब में 2027 चुनाव की तैयारी: संगठन मजबूत करने में जुटे सभी दल, सत्ता के लिए बूथ स्तर तक पैठ बढ़ाने पर जोर

Mon, 31 Aug 2026 11:34 AM IST
Nivedita न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

पंजाब में इस बार चुनाव सभी दलों के लिए अहम हैं। दिल्ली में सत्ता गंवाने के बाद आप हर हालत में पंजाब में अपनी सरकार बचाना चाहती है जबकि कांग्रेस सूबे में सत्ता वापसी की राह देख रही है। भाजपा भी पंजाब में एंट्री करना चाहती है। वहीं शिअद पंजाब में अपनी खोई हुई सियासी जमीन वापस हासिल करने की कोशिश में जुटा है।
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पंजाब विधानसभा चुनाव - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव की आहट के साथ सियासी दलों ने संगठन को मजबूत करने की कवायद तेज कर दी है। सत्ता की कुर्सी तक पहुंचने के लिए पार्टियां अब बड़े नेताओं के साथ-साथ बूथ और हलका स्तर तक अपनी पकड़ मजबूत करने में जुटी हैं।
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यही वजह है कि अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में पदाधिकारियों की नियुक्तियों का दौर शुरू हो गया है। दलों का फोकस साफ है कि जितना मजबूत संगठन और जमीनी नेटवर्क होगा, उतनी ही चुनावी जीत की उम्मीद बढ़ जाएगी। 

आम आदमी पार्टी (आप), भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने सभी विधानसभा हलकों में पदाधिकारियों की नियुक्ति शुरू कर दी है। साथ ही जमीनी स्तर पर नेताओं और कार्यकर्ताओं को सक्रिय रहने के निर्देश हैं ताकि लोगों के साथ संपर्क साधकर वे पार्टी को मजबूत कर सकें।
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हलका प्रभारी व ब्लॉक प्रधानों की नियुक्ति 
आप ने अलग-अलग विधानसभा हलकों में प्रभारियों की नियुक्ति शुरू कर दी है ताकि वह अभी से विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुट जाएं। इसके अलावा जिला और ब्लॉक प्रधान भी लगाए जा रहे हैं ताकि जमीनी स्तर पर पार्टी को मजबूत किया जा सके।

इसी तरह विधानसभा हलकों में कोऑर्डिनेटरों की नियुक्ति की जा रही है। कुछ दिन में पार्टी युवा, महिला, ट्रेड और सोशल मीडिया विंग के नए पदाधिकारियों के साथ ही और हलका प्रभारियों की भी नियुक्ति कर सकती है। इसी तरह सीएम भगवंत सिंह मान और आप पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने खुद मोर्चा संभाला हुआ है। वर्ष 2022 विधानसभा चुनाव में आप ने 42.01% वोट हासिल करने के साथ 92 सीटों पर जीत दर्ज की थी और इसी प्रदर्शन को आप इस बार भी दोहराना चाहती है।

हर बूथ, कांग्रेस मजबूत अभियान जारी
इसी तरह कांग्रेस ने सूबे में हर बूथ कांग्रेस मजबूत अभियान भी शुरू किया है जिसके लिए हाल ही में पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल भी कई कार्यक्रमों में हिस्सा ले चुके हैं। कांग्रेस बूथ स्तर पर मजबूती का महत्व समझती है क्योंकि पिछले कुछ चुनाव में बूथ स्तर पर ध्यान न देने का पार्टी नुकसान झेल चुकी है। यही कारण है कि इस बार बड़े स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है ताकि सभी नेताओं की भागीदारी सुनिश्चित की जा सके। हाल ही में कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव के लिए कोऑर्डिनेटरों का एलान किया है और आने वाले दिनों में पार्टी अलग-अलग विंगों और हलकों में पदाधिकारियों का एलान करने की तैयारी कर रही है।
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भाजपा 117 हलकों में अकेले लड़ने की कर रही तैयारी 
भाजपा ने पहली बार सभी हलकों में अकेले चुनाव लड़ने का एलान किया है। केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश पर पार्टी ने हाल ही में 36 संगठनात्मक जिलों के लिए जिला प्रभारी और सह-प्रभारी नियुक्त किए हैं। साथ ही अलग-अलग विंगों में पदाधिकारियों की नियुक्ति की भी तैयारी की जा रही है।

इसके अलावा पार्टी बूथ स्तर के अलावा 6425 सब सर्किल और 622 सर्किल बनाने की भी तैयारी कर रही है। पार्टी जमीनी स्तर पर बड़े विस्तार रणनीति बना रही है ताकि अकेले चुनाव लड़ने में वह पूरी तरह तैयार हा सके।

अकाली दल ने की पार्टी को बूथ स्तर पर मजबूत करने की तैयारी 
शिरोमणि अकाली दल ने भी पार्टी को बूथ स्तर पर मजबूत करने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए हाल में पार्टी प्रधान सुखबीर सिंह बादल ने स्त्री अकाली प्रमुखों की नियुक्ति की और साथ ही उन्हें बूथ स्तर पर पार्टी की मजबूत के लिए काम करने के निर्देश दिए।
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