पूर्व मंत्री अनिल जोशी ने सिद्धू को भेजा मानहानि का नोटिस
पूर्व कैबिनेट मंत्री अनिल जोशी ने डाॅ. नवजोत कौर सिद्धू को लीगल नोटिस भेजा है। यह नोटिस उनके मीडिया इंटरव्यू में दिए कथित झूठे और मानहानि करने वाले बयानों के लिए जारी किया गया।
नोटिस न्यू चंडीगढ़ के वकील सौमन सिंह गिल और रितेश वाट्स द्वारा जारी किया गया है। इसमें कहा गया है कि जोशी ने कभी कांग्रेस या अकाली दल में शामिल होने के लिए पैसे नहीं दिए और न ही किसी राजनीतिक पद या सदस्यता के लिए कोई भुगतान किया। डा. सिद्धू ने मीडिया, प्रिंट और सोशल मीडिया पर दावा किया कि जोशी ने कांग्रेस में शामिल होने के लिए पैसे दिए, जो पूरी तरह झूठ है। नोटिस में मांग की गई है कि डा. सिद्धू तुरंत ऐसे बयान देना बंद करें, सार्वजनिक रूप से माफी मांगें और सभी मीडिया प्लेटफॉर्म पर स्पष्ट खंडन करें। सात दिनों के भीतर अनुपालन न होने पर उनके खिलाफ क्रिमिनल डिफेमेशन और सिविल रेमेडीज की कार्रवाई की जाएगी। नोटिस उनके अमृतसर स्थित आवास पर रजिस्टर्ड पोस्ट से भेजा गया। इससे पहले कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने भी डा. सिद्धू को कानूनी नोटिस भेजा था।
डाॅ. सिद्धू ने मिट्ठू मदान को 10 करोड़ का मानहानि नोटिस भेजा
कांग्रेस नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला अब कानूनी मोड़ ले रहा है। वर्ष 2017 के निगम चुनावों में टिकटें बेचने के आरोपों को लेकर डाॅ. नवजोत कौर सिद्धू ने अपने मुंह बोले बेटे और जिला कांग्रेस शहरी प्रधान सौरभ मदान (मिट्ठू) को 10 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस भेजा है।
डाॅ. सिद्धू के वकील ने कहा कि मिट्ठू ने झूठा आरोप लगाकर डाॅ. सिद्धू की छवि खराब करने का प्रयास किया। नोटिस में कहा गया है कि मिट्ठू को 7 दिनों के भीतर बिना शर्त सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी होगी, अन्यथा उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई के बाद डाॅ. सिद्धू ने अपने समर्थकों के साथ बैठक की। बैठक में भविष्य की रणनीति तय की गई और समर्थकों को निर्देश दिए गए कि उनके खिलाफ झूठे बयानबाजी करने वालों को सख्ती से जवाब दिया जाए। इसके बाद समर्थकों ने सोशल मीडिया पर विरोधियों के खिलाफ अभियान शुरू कर दिया। यह मामला राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है और माना जा रहा है कि आगामी दिनों में इसका राजनीतिक असर भी देखने को मिल सकता है।