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Pathankot: बाढ़ पीड़ितों के घाव नहीं भरे, राजनीतिक अखाड़ा जरूर बन गए बाढ़ प्रभावित क्षेत्र; लोगों की ये मांग

Fri, 24 Jul 2026 09:18 AM IST
Nivedita सूरज प्रकाश, संवाद, पठानकोट

सार

पठानकोट का बॉर्डर क्षेत्र कोलियां अड्डा और माधोपुर हेडवर्क्स राजनीतिक अखाड़ा बन गया है। यहां भाजपा और आप पार्टी के नेता एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं। 
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भाजपा नेता श्वेत मलिक पहुंचे अड्डा कोलियां - फोटो : संवाद
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विस्तार
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मानसून की दस्तक के साथ ही राजनेता बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने लगे हैं। अगस्त 2025 की बाढ़ को एक वर्ष बीत चुका है पर केंद्र या राज्य सरकार ने पीड़ितों के घाव नहीं भरे।
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पठानकोट का बॉर्डर क्षेत्र कोलियां अड्डा और माधोपुर हेडवर्क्स राजनीतिक अखाड़ा बन गया है। यहां भाजपा और आप पार्टी के नेता एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं। जनता का सवाल है कि उन्हें कब तक मूर्ख बनाया जाएगा। कोई भी नेता लोगों की जान-माल की सुरक्षा पर बात नहीं कर रहा। 

बुधवार को भाजपा नेता और पंजाब के पूर्व प्रधान श्वेत मलिक अड्डा कोलियां पहुंचे। हलका भोआ की पूर्व विधायक सीमा देवी ने उन्हें बाढ़ से हुए नुकसान की जानकारी दी। मलिक ने पंजाब सरकार पर भ्रष्टाचार करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विकास के लिए आए 450 करोड़ रुपये खर्च नहीं हुए। मलिक ने इसकी रिपोर्ट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजने की बात कही। उन्होंने राज्य सरकार को कुंभकर्णी नींद में बताया।
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आप सरकार का पलटवार
मौजूदा सरकार के कैबिनेट मंत्री पंजाब कुलदीप धालीवाल ने माधोपुर हेडवर्क्स का दौरा किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार और भाजपा का बहुत बड़ा जुलूस निकल चुका है। धालीवाल ने भाजपा पर एजुकेशन माफिया चलाने का आरोप लगाया। उन्होंने लाखों-करोड़ों नौजवानों के भविष्य से खिलवाड़ होने की बात कही। देश की सरकार बच्चों की परीक्षाएं तक पारदर्शी तरीके से नहीं करवा पा रही।

पीड़ितों की पीड़ा और भविष्य की चिंता
कुछ दिन पहले जल स्रोत मंत्री पंजाब वरिंदर कुमार गोयल भी माधोपुर पहुंचे थे। उन्होंने भाजपा को दुश्मन जमात बताया और कांग्रेस पर भी निशाना साधा। बाढ़ पीड़ित रोशन लाल और सुखविंदर सिंह ने अपनी पीड़ा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि राजनेता केवल अपना वोट बैंक बढ़ाने के लिए आते हैं। एक वर्ष बाद भी लोग मुआवजे के लिए भटक रहे हैं और नई बाढ़ की आशंका है।
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