भारत में धार्मिक स्थलों के दर्शन के लिए आने वाले 92 सिख श्रद्धालुओं को पाकिस्तान सरकार की अनुमति नहीं मिलने के कारण शुक्रवार रात फैसलाबाद एयरपोर्ट से अपने घर लौटना पड़ा। पाकिस्तान सरकार ने उन्हें भारत आने के लिए वापसी टिकट और एनओसी की शर्त पूरी करने को कहा था।
श्रद्धालुओं ने एयरपोर्ट पर इसका विरोध किया, लेकिन अनुमति नहीं मिलने के कारण उनकी फ्लाइट छूट गई। इसके बाद सभी श्रद्धालु अपने-अपने घर लौट गए। मामले में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने भी पाकिस्तान सरकार के रवैये पर विरोध जताया है। 104 लोगों ने भारत आने के लिए वीजा के लिए आवेदन किया था, जिनमें 92 को वीजा जारी हुआ था।
इन श्रद्धालुओं को 10 सितंबर की रात फैसलाबाद से फ्लाइट लेकर दुबई और वहां से दिल्ली पहुंचना था। हालांकि पाकिस्तान सरकार की ओर से एनओसी नहीं मिलने के कारण उन्हें फ्लाइट में सवार होने की अनुमति नहीं दी गई। श्रद्धालुओं के पास 10 अक्टूबर तक भारत का वीजा वैध है। ऐसे में यदि इस अवधि के दौरान पाकिस्तान के गृह विभाग से एनओसी जारी होती है तो वे दोबारा टिकट लेकर भारत आ सकते हैं।
एसजीपीसी ने कहा कि भारत सरकार की ओर से वीजा जारी किए जाने के बावजूद पाकिस्तान सरकार ने श्रद्धालुओं को भारत आने की अनुमति नहीं दी। कमेटी ने इसे धार्मिक यात्रा में बाधा डालने वाला कदम बताया है।
अटारी बॉर्डर बंद होने से चुना था हवाई रास्ता
पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने अटारी बॉर्डर बंद कर दिया था। इसके चलते पाकिस्तान से सिख श्रद्धालुओं के सड़क मार्ग से भारत आने का रास्ता बंद है। इसी कारण इन श्रद्धालुओं ने पहले दुबई और फिर दिल्ली पहुंचने के लिए हवाई मार्ग चुना था। अब एनओसी मिलने पर ही उनके दोबारा भारत आने का रास्ता खुल सकेगा।