मोगा साइबर क्राइम पुलिस ने ऑनलाइन फ्रॉड के एक बड़े मामले का पर्दाफाश करते हुए राजस्थान के चार साइबर ठगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोपियों ने ऑनलाइन खरीदे गए सूट का ऑर्डर कैंसिल कराने का झांसा देकर एक महिला के मोबाइल फोन का एक्सेस हासिल कर लिया और उसके बैंक खाते से अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए 22 लाख 21 हजार 931 रुपये की ठगी कर ली।
थाना साइबर क्राइम मोगा की एएसआई राजविंदर कौर ने बताया कि शिकायतकर्ता मोहम्मद अब्दुल निवासी चड़िक, जिला मोगा ने 5 जून 2026 को नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल की हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत में बताया गया कि उनकी बेटी शाहीन खातून ने 14 अप्रैल 2026 को ऑनलाइन एक सूट का ऑर्डर किया था।
इसके बाद आरोपियों ने शाहीन खातून से संपर्क कर ऑर्डर कैंसिल करवाने का झांसा दिया। बातचीत के दौरान आरोपियों ने कथित तौर पर चालाकी से उसके मोबाइल फोन का एक्सेस हासिल कर लिया। फोन का एक्सेस मिलने के बाद आरोपियों ने उसके बैंक खाते से अलग-अलग ट्रांजेक्शन के माध्यम से कुल 22,21,931 रुपये अपने खातों में ट्रांसफर कर लिए।
ठगी का पता चलने के बाद पीड़िता के परिवार ने तुरंत नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल की हेल्पलाइन 1930 पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस जांच के दौरान ठगी में राजस्थान के चार आरोपियों की संलिप्तता सामने आई।
पुलिस के अनुसार आरोपियों की पहचान मरीआज, निजामुद्दीन, रिंकू मीना और नरहाइंदर पुत्र सुरेश कुमार निवासी क्यारा, खरीथल, अलवर, राजस्थान के रूप में हुई है। साइबर क्राइम थाना मोगा ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 61(2) तथा आईटी एक्ट की धारा 66-डी के तहत मामला दर्ज किया है। फिलहाल पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। साथ ही ठगी गई रकम को रिकवर करने के लिए भी कार्रवाई की जा रही है।