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बठिंडा अस्पताल में तेल घोटाला: तत्कालीन एसएमओ समेत तीन कर्मी सस्पेंड, विभाग ने बताया प्रशासनिक कारण

Mon, 30 Jun 2025 03:11 PM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, बठिंडा (पंजाब)

सार

यह तेल घोटाला काफी समय से चर्चा में था, जिसके बाद जिले के गांव घुद्दा निवासी हरतेज सिंह भुल्लर ने लाखों रुपये के इस तेल घोटाले की जांच की मांग को लेकर पंजाब के मुख्यमंत्री और डीजीपी विजिलेंस को शिकायत दी थी। 
 
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विस्तार
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बठिंडा सिविल अस्पताल में लाखों रुपये के तेल घोटाले की विजिलेंस जांच शुरू होने के बाद स्वास्थ्य विभाग भी हरकत में आ गया है। स्वास्थ्य विभाग ने सिविल अस्पताल के तत्कालीन एसएमओ डा. गुरमेल सिंह, सीनियर सहायक सीनम और कंप्यूटर आपरेटर जगजीत सिंह को सस्पेंड कर दिया है। 
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हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने अपने आदेशों में कहा कि उक्त कर्मचारियों को प्रशासनिक कारणों से सस्पेंड किया गया है, जबकि स्वास्थ्य विभाग के अंदर कर्मचारियों के सस्पेंड होने को तेल घोटाले से जोड़कर देखा जा रहा है। 

उल्लेखनीय है कि यह तेल घोटाला काफी समय से चर्चा में था, जिसके बाद जिले के गांव घुद्दा निवासी हरतेज सिंह भुल्लर ने लाखों रुपये के इस तेल घोटाले की जांच की मांग को लेकर पंजाब के मुख्यमंत्री और डीजीपी विजिलेंस को शिकायत दी थी। 
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उन्होंने शिकायत में बताया था कि तत्कालीन एसएमओ डा. गुरमेल सिंह ने अन्य कर्मचारियों के साथ मिलकर करीब 30 लाख रुपये का तेल घोटाला किया है। उन्होंने बताया था कि एसएमओ डा. गुरमेल सिंह ने अन्य कर्मचारियों के साथ मिलकर डीजल व पेट्रोल के अतिरिक्त बिल पास किए हैं। 

उन्होंने शिकायत में बताया था कि कई ऐसे वाहनों में तेल डलवाया गया, जोकि सिविल अस्पताल में नहीं है। कई ऐसे वाहनों को भी डीजल व पेट्रोल सप्लाई किया गया, जिनकी नंबर प्लेट ही उपलब्ध नहीं है। उन्होंने बताया था कि बीती 2 अप्रैल 2025 को उन्होंने इस घोटाले की शिकायत स्वास्थ्य मंत्री डा. बलवीर सिंह से की थी, जिसके बाद सेहत विभाग ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी बनाई और उसने सिविल अस्पताल आकर जांच भी की और अपनी रिपोर्ट में लगाए गए आरोपों को सही भी बताया, लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। 

इसके बाद उन्होंने डायरेक्टर विजिलेंस विभाग को शिकायत की, जिन्होंने बठिंडा विजिलेंस ब्यूरो को जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने बताया था कि इसके अलावा मरीजों की पर्चियां काटने के अलावा डोप टेस्टों में भी लाखों रुपये का घोटाला किया गया है।
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